Seraikela News: गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आगे की कार्रवाई की है. इस मामले में वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा समेत तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. वहीं, कर्तव्य में लापरवाही और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करने के आरोप में नौ अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.
पति से विवाद के बाद थाने पहुंची थी महिला
पुलिस को दिए आवेदन में पीड़िता ने बताया कि 29 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे पति से विवाद के बाद उसे मारपीट का डर था. इसी वजह से वह घर से निकल गई थी.
इसके बाद पड़ोस की एक महिला की मदद से उसने थाने में फोन किया. पीसीआर वाहन से उसे रात करीब 12 बजे गम्हरिया थाना लाया गया. पीड़िता का आरोप है कि थाने में मौजूद एक पदाधिकारी ने उसे बगल के कमरे में आराम करने के लिए कहा. इसी दौरान वहां तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने उसके साथ दुष्कर्म किया.
SIT की जांच में दो अन्य पुलिसकर्मियों के नाम आए सामने
पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की. शुरुआती कार्रवाई में आरोपी आरक्षी 410 नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया. जांच के दौरान पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार साहू (54 वर्ष) और आरक्षी 1088 संतोष कुमार राय (50 वर्ष) की संलिप्तता सामने आई. इसके बाद दोनों को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की गई.
नौ पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई
एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर नौ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निलंबित किया गया है. इन पर कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने, महिला की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करने और पुलिस विभाग की छवि प्रभावित करने के आरोप हैं. निलंबित पुलिसकर्मियों में अजय पासवान, ललन रविदास, विशु उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास और सीताराम सिंह पाहन शामिल हैं. इसके अलावा हवलदार पिताम्बर महतो, हवलदार बहादुर हांसदा और आरक्षी 230 मनोज गोराई को भी निलंबित किया गया है. सभी को पुलिस केंद्र सरायकेला वापस भेज दिया गया है.
मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है.


