Koderma News: तीन साल की तैयारी और करीब 60 किलोमीटर का सफर. इसके बावजूद प्रीति कुमारी JTET की परीक्षा नहीं दे सकीं. परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में उन्हें सिर्फ 20 मिनट की देरी हुई थी. लेकिन इस देरी के कारण उन्हें गेट से ही वापस लौटना पड़ा. यह मामला कोडरमा के झुमरी तिलैया के गांधी स्कूल रोड स्थित महात्मा गांधी उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र का है. प्रीति गिरिडीह जिले के सरिया से परीक्षा देने पहुंची थीं.
गेट पर रोक दी गईं प्रीति
रविवार को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) का आयोजन हुआ. राज्य में करीब 10 साल बाद यह परीक्षा ली गई. परीक्षा केंद्रों पर सुबह 7 बजे से प्रवेश शुरू कर दिया गया था. सुबह 9 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी. प्रीति सुबह 9:20 बजे केंद्र पहुंचीं. वह दौड़ते हुए गेट तक गईं और अंदर जाने की गुहार लगाई. लेकिन वहां तैनात पुलिस जवानों ने उन्हें रोक दिया. उन्होंने काफी मिन्नतें कीं, लेकिन नियमों का हवाला देकर उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया.
सुबह 6 बजे मिली थी परीक्षा की जानकारी
प्रीति ने बताया कि वह पिछले तीन साल से JTET की तैयारी कर रही थीं. इस परीक्षा के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी. उनके मुताबिक, परीक्षा की जानकारी उन्हें रविवार सुबह करीब 6 बजे एक सहयोगी से मिली. इसके बाद वह जल्दी से तैयार हुईं और पति के साथ मोटरसाइकिल से कोडरमा के लिए निकल पड़ीं. दोनों ने करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय की. लेकिन केंद्र पहुंचने तक सुबह के 9:20 बज चुके थे.
रोते हुए जताई नाराजगी
परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने के बाद प्रीति काफी भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने का मौका मिला था, लेकिन थोड़ी सी देरी के कारण उन्हें रोक दिया गया. प्रीति ने परीक्षा की जानकारी समय पर नहीं मिलने की भी शिकायत की. उनका कहना था कि कुछ मिनट की देरी के लिए इस तरह परीक्षा से वंचित करना गलत है. बाद में उनके पति ने उन्हें समझाया और वहां से वापस ले गए.


