Seraikela News: गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला अब राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया है. जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने आयोग की अध्यक्ष को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. विधायक ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष और तय समय में जांच होनी चाहिए. पीड़िता को न्याय मिले और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, इसके लिए आयोग से जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया है.
पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्णिमा साहू ने पत्र में कहा है कि पुलिस की जिम्मेदारी महिलाओं को सुरक्षा देना और उन्हें न्याय दिलाना है. ऐसे में थाना परिसर में ही एक पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म का आरोप लगना गंभीर चिंता का विषय है. उनका कहना है कि इस घटना से पुलिस की कार्यप्रणाली और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. इसलिए मामले की हर पहलू से जांच जरूरी है.
CCTV फुटेज और साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
विधायक ने राष्ट्रीय महिला आयोग से मामले का स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है. उन्होंने थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और दूसरे जरूरी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कोई भी सबूत नष्ट या गायब नहीं होना चाहिए. इससे सच्चाई सामने लाने में मदद मिलेगी. पूर्णिमा साहू ने पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा देने और जरूरी कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है. ताकि वह बिना किसी डर या दबाव के जांच और न्याय की प्रक्रिया में शामिल हो सके.
दूसरे जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की मांग
विधायक ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ आरोपी के निलंबन और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. अगर जांच में किसी दूसरे पुलिसकर्मी की लापरवाही, मिलीभगत या सबूत छिपाने की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी दोषी को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए. पूरे मामले की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए.
पीड़िता को न्याय दिलाना प्राथमिकता
पूर्णिमा साहू ने कहा कि थाना महिलाओं के लिए सुरक्षा और न्याय की जगह है. इसे डर और शोषण का केंद्र नहीं बनने दिया जा सकता. उन्होंने मांग की कि जांच पर किसी तरह का दबाव या प्रभाव नहीं पड़े. पीड़िता को न्याय मिले और मामले की सच्चाई सामने आए.


