Cyclone Murasu: बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान सक्रिय हो गया है. इसका नाम ‘मुरासू’ रखा गया है. आंध्र प्रदेश और उत्तर तमिलनाडु के तटीय इलाकों में इस तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. इसका असर झारखंड के मौसम पर भी पड़ सकता है. राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है.
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मुरासू
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चक्रवात को लेकर जानकारी दी. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब चक्रवात में बदल गया है. यह दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय है. IMD ने आंध्र प्रदेश और उत्तर तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है.
120 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती है हवा
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 2 नवंबर की सुबह तक मुरासू के भीषण चक्रवात में बदलने की आशंका है. इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है. अनुमान है कि 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच यह नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.
तमिल भाषा से जुड़ा है मुरासू नाम
मुरासू नाम भारत की ओर से दिया गया है. तमिल भाषा में मुरासू का अर्थ ढोल होता है. पुराने समय में ढोल बजाकर लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाई जाती थीं. प्राकृतिक आपदाओं के बारे में भी लोगों को इसी तरह सतर्क किया जाता था. इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए इस चक्रवात का नाम मुरासू रखा गया है.
रांची समेत इन जिलों में बारिश के आसार
चक्रवात का असर झारखंड में भी देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, 3 नवंबर को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है. रांची के अलावा खूंटी, लोहरदगा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और कोडरमा में मौसम बदलने की संभावना है. संथाल परगना के देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा में भी बादल छाए रह सकते हैं. पलामू प्रमंडल के कुछ इलाकों में भी इसका आंशिक असर पड़ने का अनुमान है.
कोल्हान में बारिश की संभावना
झारखंड के दक्षिणी हिस्सों में मौसम का असर ज्यादा दिख सकता है. सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बारिश होने की संभावना जताई गई है. खासकर कोल्हान के लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम में होने वाले बदलाव पर नजर रखने की जरूरत है.
कुछ दिन पहले ही आया था चक्रवात अर्णब
गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को चक्रवात अर्णब ने आंध्र प्रदेश के ओडालारेवु के पास तट से टकराया था. इससे तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ था. अब कुछ ही दिनों के अंतराल पर बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग इसकी दिशा और ताकत पर लगातार नजर रख रहा है. झारखंड में बारिश और बादलों की स्थिति भी इसी के प्रभाव पर निर्भर करेगी.


