Jharkhand News: झारखंड में कोयला चोरी पर लगेगी लगाम? Zero Coal Leakage Plan के तहत खदान से ट्रांसपोर्ट तक CISF की निगरानी

Jharkhand: झारखंड के कोयलांचल में कोयला चोरी और अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है. केंद्र सरकार के Zero Coal Leakage Plan के तहत खदानों से लेकर कोयले के भंडारण और परिवहन तक निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. इस योजना

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Jharkhand News: झारखंड में कोयला चोरी पर लगेगी लगाम? Zero Coal Leakage Plan के तहत खदान से ट्रांसपोर्ट तक CISF की निगरानी

Jharkhand: झारखंड के कोयलांचल में कोयला चोरी और अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है. केंद्र सरकार के Zero Coal Leakage Plan के तहत खदानों से लेकर कोयले के भंडारण और परिवहन तक निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.

इस योजना में CISF की भूमिका, ड्रोन सर्विलांस, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और वाहनों के दस्तावेजों की जांच जैसे उपायों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, यह व्यवस्था अभी सभी खदानों में एक समान रूप से लागू हो चुकी है, ऐसा नहीं कहा जा सकता.

क्या है Zero Coal Leakage Plan?

रिपोर्ट के मुताबिक, 5 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन तथा कोयला चोरी का मुद्दा उठा था. इसके बाद निगरानी मजबूत करने और संवेदनशील इलाकों में CISF की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया गया.

योजना के तहत CISF और कोल इंडिया की संबंधित इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल, क्विक रिस्पॉन्स टीम की तैनाती, कैमरों से निगरानी और कोयला परिवहन से जुड़े ई-वे बिल की जांच जैसे कदम शामिल हैं.

एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

कोयला चोरी रोकने के लिए केवल खदानों की सुरक्षा बढ़ाना पर्याप्त नहीं है. कोयले को जमा करने, उसका वजन करने और ट्रकों के जरिए दूसरे स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर भी निगरानी जरूरी है.

इसी को ध्यान में रखते हुए तकनीक आधारित निगरानी, संदिग्ध वाहनों की जांच और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल उपकरणों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है. GST अधिकारियों के साथ समन्वय कर कोयले की ढुलाई से संबंधित दस्तावेजों की जांच भी इस रणनीति का हिस्सा है.

बोकारो में 86.905 टन अवैध कोयला जब्त

रिपोर्ट के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को बोकारो के अमलो क्षेत्र में CISF और CCL की सुरक्षा टीम ने संयुक्त अभियान चलाया. बेरमो थाना क्षेत्र के पीपल धोरा बस्ती के पास कार्रवाई के दौरान 86.905 टन अवैध कच्चा कोयला जब्त किया गया.

इस अभियान में ड्रोन सर्विलांस और प्रशिक्षित श्वान दस्ते की मदद ली गई. जब्त कोयले को आगे की कार्रवाई के लिए CCL प्रबंधन को सौंप दिया गया.

हजारीबाग और बोकारो में भी कार्रवाई

इससे पहले 24 अक्टूबर को हजारीबाग के चरही थाना क्षेत्र स्थित इंद्रा गांव में कार्रवाई के दौरान 156.140 टन अवैध कोयला और दो गैरकानूनी वे-ब्रिज जब्त किए जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है.

वहीं, 1 अक्टूबर को बोकारो के वेदकारो खदान क्षेत्र में CISF और CCL के संयुक्त अभियान में 207.17 टन ग्रेड-4 कोयला और चार मोटरसाइकिलें जब्त किए जाने का उल्लेख है.

कोयला चोरी पर रोक कितनी प्रभावी होगी?

Zero Coal Leakage Plan का उद्देश्य कोयले की अवैध निकासी और तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर नियंत्रण मजबूत करना है. इसके लिए नियमित जांच, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय अहम होगा.

हालांकि, कोयला चोरी पर पूरी तरह रोक लग पाएगी या नहीं, यह योजना के जमीनी क्रियान्वयन और लगातार होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा.

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