Saraikela: सरायकेला अनुमंडल क्षेत्र में स्क्रैप कारोबारियों से पुलिस अधिकारियों के नाम पर कथित तौर पर ‘मंथली’ मांगने का मामला सामने आया है. कारोबारियों का आरोप है कि एक युवक खुद को कभी पत्रकार तो कभी पुलिस अधिकारियों का करीबी बताकर उन पर पैसे देने का दबाव बनाता है. इस बीच, जमशेदपुर के सिदगोड़ा में भी उक्त युवक के कथित तौर पर पैसे मांगने पहुंचने और स्थानीय लोगों द्वारा पकड़े जाने की चर्चा है. हालांकि, इस घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पुलिस अधिकारियों के नाम पर दबाव बनाने का आरोप
स्क्रैप कारोबारियों के मुताबिक, संबंधित युवक अपना नाम राकेश कोहली, राजेश कोहली या युवराज बताता है. उसके जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र का निवासी होने की बात भी कही जा रही है.
एक स्क्रैप टाल संचालक ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर आरोप लगाया कि युवक कभी SDPO तो कभी अन्य पुलिस अधिकारियों से करीबी होने का दावा कर कारोबारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करता है. कारोबारी के अनुसार, वह पिछले करीब दो महीने से सरायकेला अनुमंडल क्षेत्र में सक्रिय है.
SDPO के नाम पर ‘मंथली’ मांगने का दावा
कारोबारी ने आरोप लगाया कि उससे SDPO के नाम पर अलग से ‘मंथली’ देने की मांग की गई. दावा है कि पैसे नहीं देने पर केस में फंसाने की धमकी भी दी गई.
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित तौर पर पैसे मांगने के पीछे कौन लोग शामिल हैं और पूरे मामले की वास्तविकता क्या है.
सिदगोड़ा में युवक के पकड़े जाने की चर्चा
मामले के बीच दावा किया जा रहा है कि सिदगोड़ा क्षेत्र में कथित तौर पर ‘मंथली’ लेने पहुंचे युवक को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया. हालांकि, उसे किन परिस्थितियों में पकड़ा गया, क्या उसे पुलिस के हवाले किया गया और इस संबंध में कोई मामला दर्ज हुआ या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
पुलिस अधिकारियों ने पहचानने से किया इनकार
बताया गया कि संबंधित कारोबारी ने युवक की तस्वीर और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया था. तस्वीर के आधार पर पुलिस अधिकारियों से उसकी पहचान की पुष्टि कराने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारियों ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया.
पुलिस अधीक्षक (SP) को मामले की जानकारी दिए जाने पर उन्होंने कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति दोबारा किसी कारोबारी को परेशान करता है या जबरन पैसे मांगता है, तो इसकी सूचना सीधे उन्हें दी जाए. उन्होंने शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने का भरोसा देते हुए युवक की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही.
वहीं, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) ने भी संबंधित युवक को पहचानने से इनकार किया.
आदित्यपुर की कार्रवाई से भी जोड़ा जा रहा नाम
सूत्रों के हवाले से यह दावा भी किया जा रहा है कि पिछले महीने आदित्यपुर थाना क्षेत्र में स्क्रैप कारोबार के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई में कथित तौर पर युवराज की भूमिका थी. हालांकि, इस दावे की भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरे मामले की सच्चाई
फिलहाल मामले में कारोबारियों के आरोप, सिदगोड़ा में युवक के पकड़े जाने की चर्चा और आदित्यपुर की कार्रवाई से कथित संबंध जैसे कई पहलू सामने आए हैं. इन सभी दावों की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
जब तक पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी या जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आते, तब तक इन आरोपों को अपुष्ट दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.


