Jharkhand: झारखंड और पश्चिम बंगाल में माओवादी गतिविधियों से जुड़े दो शीर्ष नेताओं मंगल और मालती ने शुक्रवार को कोलकाता में आत्मसमर्पण कर दिया. दोनों के सरेंडर को नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. अब झारखंड पुलिस की टीम दोनों से पूछताछ कर सकती है.
कोलकाता पुलिस मुख्यालय में किया आत्मसमर्पण
मिली जानकारी के अनुसार, मंगल और मालती शुक्रवार को कोलकाता स्थित पुलिस मुख्यालय लालबाजार पहुंचे. यहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया.
बताया गया है कि दोनों लंबे समय से भूमिगत रहकर सशस्त्र गतिविधियों में शामिल थे. हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के फैसले के बाद उन्होंने पुलिस के सामने सरेंडर किया.
मंगल ने हथियार छोड़ने की बताई वजह
आत्मसमर्पण के बाद मंगल ने मीडिया से बातचीत में हिंसा का रास्ता छोड़ने के फैसले पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हथियार उठाने से समाज को कोई फायदा नहीं होता है. इस रास्ते पर चलने से तबाही और खून-खराबे के अलावा कुछ हासिल नहीं किया जा सकता.
मंगल के मुताबिक, इसी एहसास के बाद दोनों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने और सामान्य जीवन में लौटने का फैसला लिया.
झारखंड पुलिस की पूछताछ पर नजर
मंगल और मालती के सरेंडर के बाद अब झारखंड पुलिस की टीम द्वारा उनसे पूछताछ किए जाने की संभावना है. पूछताछ में उनकी गतिविधियों और माओवादी नेटवर्क से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटाई जा सकती है. हालांकि, पूछताछ की प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है.


