Adityapur News: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-09 स्थित मीरूडीह में बुधवार को प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट को धरातल पर उतारने की कवायद हंगामे की भेंट चढ़ गई। पूरे शहर में कचरा प्रबंधन की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए डिप्टी मेयर अंकुर सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने काम शुरू कराने का पुरजोर प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के कड़े विरोध के कारण काम रोकना पड़ा।
हैरानी की बात यह रही कि जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कई घंटे तक नोकझोंक चली। नोक झोक कम होने के बाद मेयर संजय सरदार मौके पर पहुंचे।
डिप्टी मेयर की इस ठोस पहल में स्थानीय वार्ड पार्षद दुर्गा चरण बेसरा, अंजू सिंह, नथुनी सिंह, सुधीर चौधरी, परितोष बेज के साथ नगर आयुक्त एजाज अनवर, कार्यपालक अभियंता पंकज झा एवं निगम के अन्य अधिकारी मौजूद थे। निगम की योजना वैज्ञानिक विधि से गड्ढा खोदकर, तिरपाल बिछाकर डंपिंग और बाउंड्रीवॉल का कार्य विधिवत शुरू करने की थी, ताकि कचरा गाड़ियों का परिचालन सुचारू हो सके।
मौके पर विरोध के बीच डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने कहा, “यह जमीन सरकार द्वारा क्यूब कंपनी को विधिवत आवंटित की गई है। यदि काम शुरू नहीं होने देंगे तो सालों-साल समय बर्बाद होगा और शहर की कचरा समस्या कभी हल नहीं होगी। जनता को जवाब देना पड़ता है कि कचरा गाड़ियां क्यों नहीं चल रहीं।” उन्होंने विरोध को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट में प्रदूषण रोकने का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
नगर आयुक्त एजाज अनवर ने कहा कि ग्रामीणों से बातचीत हुई है, एक-दो दिनों में वार्ड सभा या जनसुनवाई कर आम सहमति बनाई जाएगी। वहीं बाद में पहुंचे मेयर संजय सरदार ने ग्रामीणों से संवाद कर कहा कि विकास कार्यों में आ रही आपत्तियों को बातचीत और सरकारी कागजातों की जांच से दूर किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने संवाद से हल निकालने का भरोसा देकर स्थिति शांत कराई है।
इधर पूरे शहर में कचरा उठाव गंभीर समस्या बना हुआ है, बावजूद इसके 35 में से महज 5 वार्ड पार्षद ही मौके पर पहुंचे, जो चर्चा का विषय रहा।


