Jharkhand Sisal Fiber: वन विभाग ने सिसल फाइबर की बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसका इस्तेमाल व्यावसायिक और औद्योगिक कामों में किया जाता है. विभाग करीब 30 मीट्रिक टन सिसल फाइबर की बिक्री करेगा. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है.
टेंडर के लिए 500 रुपये शुल्क
30 मीट्रिक टन सिसल फाइबर के लिए 500 रुपये का गैर-वापसी योग्य शुल्क रखा गया है. यह राशि नकद जमा कर उसकी रसीद लगानी होगी. इसके अलावा बैंक ड्राफ्ट के जरिए भी शुल्क जमा किया जा सकता है. इसके लिए विभाग की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा.
55 हजार रुपये की बयाना राशि जरूरी
हर टेंडर के साथ 55,000 रुपये का बैंक ड्राफ्ट जमा करना अनिवार्य है. यह बैंक ड्राफ्ट SBI की डोरंडा शाखा के पक्ष में बनवाना होगा. टेंडर में सफल रहने वाले बीडर को कुल सामग्री की कीमत का 10 प्रतिशत सुरक्षा राशि के रूप में जमा करना होगा.
लातेहर गोदाम से मिलेगी सामग्री
वन विभाग के मुताबिक सिसल फाइबर की डिलीवरी लातेहर स्थित गोदाम से होगी. यह गोदाम रांची से करीब 100 किलोमीटर दूर है. सामग्री की पैकेजिंग, ढुलाई और परिवहन का पूरा खर्च खरीदार को खुद उठाना होगा.
स्थानीय उद्योगों को खरीद में प्राथमिकता
झारखंड औद्योगिक और निवेश संवर्द्धन नीति के तहत राज्य के स्थानीय उद्योगों को खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी. यह सुविधा उन उद्योगों को मिलेगी, जिनका उत्पादन सिसल फाइबर जैसे कच्चे माल पर निर्भर है. हालांकि, इसके लिए स्थानीय उद्योग की बोली बाहरी राज्य के बीडर की बोली के बराबर होनी जरूरी है.
तीन महीने में करना होगा पूरा उठाव
सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद खरीदार को तीन महीने के अंदर पूरी सामग्री का उठाव करना होगा. विभाग ने सामग्री की समय पर डिलीवरी और उठाव को लेकर यह शर्त तय की है.


