Adityapur: आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में दुर्गा पूजा मेले के दौरान महिला रानी महाकुड़ के घायल होने की घटना को लेकर दिंदली सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति ने अपना पक्ष रखा है. समिति के अध्यक्ष लालटू महतो ने स्पष्ट किया कि महिला झूला चलते समय नहीं गिरी थीं, बल्कि झूला रुकने के बाद नीचे उतरते वक्त उनका पैर फिसल गया था. समिति ने घटना को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर भी आपत्ति जताई है.
झूला रुकने के बाद हुआ हादसा
समिति अध्यक्ष लालटू महतो के अनुसार, झूला रुकने के बाद रानी महाकुड़ नीचे उतर रही थीं. इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से उनका पैर फिसल गया और वह गिरकर घायल हो गईं. हादसे में उनके हाथ में चोट आई.
उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना में झूले की तकनीकी खराबी या संचालन संबंधी गड़बड़ी की बात सामने नहीं आई है.
घायल महिला को TMH पहुंचाने की व्यवस्था
लालटू महतो ने बताया कि घटना के समय वह स्वयं मेला परिसर में मौजूद थे. हादसे के तुरंत बाद उन्होंने घायल महिला की मदद की और बेहतर इलाज के लिए उन्हें जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) पहुंचाने की व्यवस्था की. इसके बाद अस्पताल जाकर महिला का हालचाल भी लिया.
महिला ने भी झूला संचालक को बताया निर्दोष
घायल महिला रानी महाकुड़ ने भी घटना को लेकर अपना पक्ष रखा. उनके मुताबिक, झूला संचालक की इसमें कोई गलती नहीं थी. नीचे उतरते समय पैर फिसलने के कारण हादसा हुआ.
महिला ने बताया कि फिलहाल उनकी स्थिति ठीक है. उन्होंने सहायता के लिए पूजा समिति का आभार भी जताया.
1973 से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही समिति
समिति अध्यक्ष ने बताया कि दिंदली सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति वर्ष 1973 से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है. वहीं, पिछले करीब 30 वर्षों से मेले का संचालन भी किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि मेले में जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है. सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए समिति के सदस्य और वॉलंटियर भी लगातार सक्रिय रहते हैं.
अपुष्ट खबरें नहीं फैलाने की अपील
लालटू महतो ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा समिति की प्राथमिकता है. किसी भी अप्रिय घटना में प्रभावित व्यक्ति की सहायता करना समिति अपनी जिम्मेदारी मानती है.
उन्होंने लोगों से अपील की कि घटना को लेकर बिना पुष्टि के खबरें साझा न करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें.


