Bodh Gaya: बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार के प्रबंधन को लेकर मूलनिवासी संघ ने राष्ट्रपति से बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 (BT Act, 1949) में संशोधन करने की अपील की है। संघ का कहना है कि इस ऐतिहासिक बौद्ध स्थल का प्रबंधन केवल बौद्ध भिक्षुओं को सौंपा जाना चाहिए।
संघ के अनुसार, वर्तमान अधिनियम की धारा 3 के तहत मंदिर समिति में हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 26 और 30 के खिलाफ है। इन अनुच्छेदों के तहत धार्मिक संस्थाओं को अपने धार्मिक मामलों का स्वतंत्र रूप से प्रबंधन करने का अधिकार प्राप्त है।
संघ ने इस संबंध में महामहिम राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि बोधगया मंदिर अधिनियम में आवश्यक संशोधन कर एक अध्यादेश लाया जाए, ताकि महाबोधि महाविहार का प्रशासन पूरी तरह से बौद्ध भिक्षुओं को सौंपा जा सके। उनका मानना है कि यह धार्मिक स्थल बौद्ध धम्म की अमूल्य धरोहर है और इसका संरक्षण एवं संचालन केवल बौद्ध समुदाय के हाथों में होना चाहिए।