Drone Monitoring: ड्रोन से निगरानी3500 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है, जिनमें 12 डीएसपी, 40 इंस्पेक्टर, 300 दारोगा शामिल हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों की पहचान कर विशेष निगरानी का फैसला लिया है। ड्रोन से निगरानी और सीसीटीवी कैमरों के जरिए 400 से ज्यादा स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी।
सुरक्षा इंतजामों का विवरण
राजधानी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शनिवार से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 12 डीएसपी, 40 इंस्पेक्टर, 300 दारोगा और 3500 जवानों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने का फैसला लिया है। धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आने-जाने वाले संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
ड्रोन से निगरानी
शहर के 20 थाना क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी रखने का इंतजाम किया गया है। संबंधित थाना प्रभारी को ड्रोन से निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। डोरंडा, मेन रोड, कांके, नगड़ी, रातू, पिठौरिया, बुढ़मू, मांडर और बरियातू जैसे प्रमुख इलाकों में 25 से ज्यादा प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं, जहां सुरक्षा के जवान चौकस रहेंगे।
सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
सीसीटीवी कैमरों के जरिए 400 से ज्यादा स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी। कंट्रोल रूम में अलग से एक टीम तैनात की जाएगी, जो लगातार 24 घंटे निगरानी रखेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित थानों को दी जाएगी।
अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम
सुरक्षा के लिहाज से सीआरपीएफ की दो कंपनियों को भी तैनात किया गया है। क्यूआरटी की टीम भी 40 जगहों पर तैयार रखी जाएगी, जो आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, भड़काऊ गाने बजाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है और धार्मिक जुलूसों में शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर निगरानी
सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी विवादास्पद पोस्ट के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने रामनवमी जुलूस के मार्ग और मंदिरों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए।