Jamshedpur News: जमशेदपुर के कदमा के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर चार में रविवार को उस समय मातम पसर गया, जब वियतनाम में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले विनय कुमार राय का पार्थिव शरीर घर पहुंचा. विनय की मां लग्न देवी ने जितिया पर्व पर बेटे की लंबी उम्र और सलामती के लिए व्रत रखा था. पारण के बाद जब उन्हें बेटे के शव के घर पहुंचने की जानकारी मिली तो परिवार में चीख-पुकार मच गई. मां लग्न देवी बेटे के शव के पास पहुंचकर भावुक हो गईं. परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा.
25 सितंबर को वियतनाम में हुआ था हादसा
रमेश राय के पुत्र विनय कुमार राय करीब दो साल पहले योग शिक्षा का प्रशिक्षण लेने के बाद वियतनाम गए थे. वहां वह योग से जुड़े काम कर रहे थे. 25 सितंबर की रात विनय और रांची निवासी राजा कुमार स्कूटी से घर लौट रहे थे. इसी दौरान हल्की बारिश के बीच स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया. स्कूटी फिसलने के बाद दोनों सड़क पर गिर गए. इसी दौरान सामने से आ रही ओमनी कार से उनकी टक्कर हो गई. हादसे में विनय कुमार राय और राजा कुमार की मौके पर ही मौत हो गई.
शनिवार देर रात जमशेदपुर पहुंचा पार्थिव शरीर
हादसे के बाद विनय के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई. सांसद विद्युत वरण महतो, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की पहल के बाद शव भारत लाया जा सका. शनिवार देर रात विनय का पार्थिव शरीर जमशेदपुर पहुंचा. इसके बाद उसे टाटा मुख्य अस्पताल में रखा गया. रविवार सुबह शव को कदमा के शास्त्रीनगर स्थित घर लाया गया, जहां परिजनों और स्थानीय लोगों ने अंतिम दर्शन किए.
बड़ी संख्या में लोग पहुंचे
विनय के निधन की जानकारी मिलने के बाद रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. शास्त्रीनगर में परिवार को सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इसके बाद विनय की अंतिम यात्रा निकाली गई. इसमें परिवार के सदस्यों के साथ स्थानीय लोग भी शामिल हुए. अंतिम यात्रा बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ विनय कुमार राय का अंतिम संस्कार किया गया.
करीब दो साल से वियतनाम में कर रहे थे काम
विनय ने योग शिक्षा का प्रशिक्षण लिया था. इसके बाद करीब दो साल पहले वह वियतनाम गए थे और वहीं योग से जुड़े काम कर रहे थे. परिवार के अनुसार, वह विदेश में रहकर अपने काम में जुटे थे. 25 सितंबर को हुए सड़क हादसे के बाद परिवार को उनके निधन की जानकारी मिली. जितिया पर्व के दौरान हुई इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है.


