Saraikela: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता विकास और स्थायी आजीविका से जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है. उन्होंने पात्र महिलाओं को मुद्रा ऋण, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम करने को कहा.
सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन समाज (JSLPS) और जिला आजीविका समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इसमें स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों, बैंक ऋण, उद्यमिता विकास और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय की समीक्षा की गई.
पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़ेंगी महिलाएं
उपायुक्त ने महिलाओं को पारंपरिक आजीविका के साथ नए व्यवसाय शुरू करने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया. पशुपालन, संरक्षित खेती, मत्स्य पालन और कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों में रुचि रखने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
दुकान, सेवा इकाई और ऑटो सेवा जैसे व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक पात्र महिलाओं को नियमानुसार मुद्रा ऋण और वित्तीय सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया. स्वयं सहायता समूहों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय क्रेडिट लिंकेज से संबंधित लंबित भुगतानों का भी जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
दीदियों के उत्पादों की मार्केटिंग पर जोर
बैठक में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग व्यवस्था मजबूत करने पर चर्चा हुई. उपायुक्त ने स्थानीय बाजार की मांग और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार उत्पादों का चयन करने तथा उनकी बिक्री के लिए बेहतर बाजार संपर्क विकसित करने का निर्देश दिया.
क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के माध्यम से क्षेत्रीय संसाधनों और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन कर महिलाओं को नए व्यवसायों से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी. आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों में माइक्रो डेवलपमेंट प्लान तैयार करने पर भी जोर दिया गया.
FPO और दीदी बगिया को मजबूत करने का निर्देश
उपायुक्त ने दीदी बगिया योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया. साथ ही सभी उत्पादक समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को पूरी तरह सक्रिय बनाने पर जोर दिया.
उन्होंने FPOs के उत्पादन, कारोबार और टर्नओवर में वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाने को कहा. कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के जरिए महिलाओं की आमदनी बढ़ाने तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया.
सरकारी योजनाओं से अधिक महिलाओं को जोड़ने की तैयारी
उपायुक्त ने संबंधित विभागों और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को JSLPS के साथ बेहतर समन्वय बनाकर महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण और उद्यमिता विकास कार्यक्रमों से जोड़ने का निर्देश दिया.
उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी, क्षेत्रीय निरीक्षण और निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया. प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करना और उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है.
बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, DPM-JSLPS सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे.


