RIMS Ranchi: रांची के रिम्स में इलाज और मेडिकल पढ़ाई की सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है. संस्थान की गवर्निंग बॉडी की 66वीं बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इनमें 10 नए सुपर स्पेशलिटी विभाग शुरू करना, पीजी सीटें बढ़ाना, डॉक्टरों और कर्मचारियों की बहाली करना और अस्पताल की सुरक्षा मजबूत करना शामिल है. बैठक में रिम्स निदेशक को अगली बैठक से पहले फैसलों पर काम करने का निर्देश दिया गया. इसमें स्वास्थ्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव, रिम्स निदेशक और अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
PG सीटें 176 से बढ़ाकर 250 करने की योजना
रिम्स में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए सीटें बढ़ाई जाएंगी. पीजी की सीटें 176 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव है. वहीं, सुपर स्पेशलिटी की सीटें 11 से बढ़ाकर 150 करने की योजना है. संस्थान में फिलहाल एमबीबीएस की 250 सीटें हैं. सीटें बढ़ने के साथ पढ़ाई और अस्पताल से जुड़ी सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा.
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए खुलेंगे 10 विभाग
रिम्स में 10 नए सुपर स्पेशलिटी विभाग शुरू करने को मंजूरी दी गई है. इससे गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा बढ़ने की उम्मीद है. इनमें मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, कार्डिएक एनेस्थीसिया, न्यूरो एनेस्थीसिया और मेडिकल जेनेटिक्स जैसे विभाग शामिल हैं. इसके अलावा बर्न वार्ड को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं. इससे गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को रिम्स में बेहतर इलाज मिल सकेगा.
वेंटिलेटर और जांच मशीनों की होगी खरीद
रिम्स में वेंटिलेटर, ICU बेड और जांच मशीनों की कमी दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे. बैठक में वेंटिलेटर की जल्द खरीद करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही अल्ट्रासाउंड और इको मशीनें भी खरीदी जाएंगी. इन सुविधाओं के बढ़ने से मरीजों को जांच के लिए दूसरे अस्पतालों और निजी केंद्रों पर जाने की जरूरत कम हो सकती है.
100 आयुष्मान मित्रों की होगी बहाली
अस्पताल में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए नई नियुक्तियों की तैयारी है. 100 आयुष्मान मित्रों की बहाली के लिए 15 दिनों के भीतर विज्ञापन जारी करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा नर्सों और अस्पताल प्रबंधकों की भी नियुक्ति की जाएगी. रिम्स की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा. बैठक में होमगार्ड की जगह चरणबद्ध तरीके से पूर्व सैनिकों को तैनात करने का फैसला लिया गया. अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना इसका मुख्य उद्देश्य है.
स्थायी समितियों की संख्या 5 से बढ़कर 10
रिम्स के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज की निगरानी मजबूत करने के लिए स्थायी समितियों की संख्या बढ़ाई गई है. अब इनकी संख्या पांच से बढ़ाकर 10 कर दी गई है. ये समितियां खरीद, टेंडर, वित्तीय प्रबंधन, डॉक्टरों की पदोन्नति, अस्पताल संचालन और सुरक्षा से जुड़े कामों की निगरानी करेंगी. बैठक में वर्ष 2024-25 के लिए आवंटित 241 करोड़ रुपये के उपयोग पर भी चर्चा हुई. राशि लैप्स होने से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया गया.
नए निदेशक की नियुक्ति तक सेवा विस्तार का प्रस्ताव
बैठक में वर्तमान रिम्स निदेशक को सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया. नए निदेशक की स्थायी नियुक्ति होने तक सेवा विस्तार के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री और राज्य कैबिनेट को भेजा जाएगा. इस पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और कैबिनेट स्तर पर लिया जाएगा. इसके अलावा शव वाहन और मोक्ष वाहन से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए.
कोडरमा की नर्स से जुड़े मामले पर भी चर्चा
बैठक में कोडरमा की नर्स से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई. बताया गया कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रिम्स की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े. साथ ही, पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों को भी रिम्स में अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल सके.


