Jharkhand PL Account Expenditure: झारखंड के पीएल खातों में भारी उठापटक, अप्रैल से सितंबर तक कई महीनों में करोड़ों की शुद्ध निकासी

Jharkhand PL Account Expenditure: झारखंड के सरकारी खजाने और प्रोजेक्ट्स से जुड़े पीएल (पर्सनल लेजर) खातों में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान बड़ी रकम का लेन-देन हुआ है. अप्रैल से अक्टूबर के शुरुआती आंकड़ों में कई महीनों में खर्च, प्राप्ति से काफी ज्यादा रहा. वहीं जून और जुलाई में खातों

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Jharkhand PL Account Expenditure: झारखंड के सरकारी खजाने और प्रोजेक्ट्स से जुड़े पीएल (पर्सनल लेजर) खातों में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान बड़ी रकम का लेन-देन हुआ है. अप्रैल से अक्टूबर के शुरुआती आंकड़ों में कई महीनों में खर्च, प्राप्ति से काफी ज्यादा रहा. वहीं जून और जुलाई में खातों में बड़ी रकम की आमद हुई. अक्टूबर के शुरुआती आंकड़ों में स्थिति कुछ संतुलित नजर आ रही है.

अप्रैल में 289 करोड़ की शुद्ध निकासी
वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत अप्रैल से हुई. इस महीने पीएल खातों में कुल 200 करोड़ 1 लाख 88 हजार 399 रुपये की प्राप्ति हुई. इसके मुकाबले 489 करोड़ 19 लाख 66 हजार 250 रुपये खर्च किए गए. इस तरह अप्रैल में 289 करोड़ 17 लाख 77 हजार 851 रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज हुई. रांची और प्रोजेक्ट बिल्डिंग ट्रेजरी के साथ डोरंडा ट्रेजरी में भी बड़े लेन-देन हुए.


मई में बढ़ा खर्च, 1180 करोड़ से ज्यादा का अंतर
मई में सरकारी खातों से खर्च और बढ़ गया. इस महीने कुल प्राप्ति 317 करोड़ 23 लाख 18 हजार 431 रुपये रही. वहीं खर्च बढ़कर 1498 करोड़ 17 लाख 4 हजार 941 रुपये पहुंच गया. इससे मई में 1180 करोड़ 93 लाख 86 हजार 510 रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज हुई. इस दौरान प्रोजेक्ट बिल्डिंग और डोरंडा ट्रेजरी में सबसे ज्यादा वित्तीय गतिविधियां देखने को मिलीं.


जून में पहली बार राहत
जून में पीएल खातों की स्थिति कुछ बेहतर रही. इस महीने कुल प्राप्ति 1723 करोड़ 48 लाख 98 हजार 151 रुपये दर्ज की गई. इसके मुकाबले कुल खर्च 1679 करोड़ 18 लाख 23 हजार 734 रुपये रहा. यानी प्राप्ति खर्च से ज्यादा रही. जून में 44 करोड़ 30 लाख 74 हजार 417 रुपये का पॉजिटिव बैलेंस दर्ज हुआ. डोरंडा और रांची ट्रेजरी में बड़े लेन-देन हुए.


जुलाई में 2758 करोड़ से ज्यादा का पॉजिटिव बैलेंस
जुलाई में पीएल खातों में सबसे बड़ी बढ़त देखने को मिली. इस महीने कुल प्राप्ति 4403 करोड़ 1 लाख 30 हजार 38 रुपये रही. वहीं कुल खर्च 1644 करोड़ 55 लाख 43 हजार 598 रुपये दर्ज किया गया. दोनों के बीच अंतर 2758 करोड़ 45 लाख 86 हजार 440 रुपये रहा. यानी जुलाई में इतना पॉजिटिव बैलेंस दर्ज हुआ. डोरंडा, रांची, प्रोजेक्ट बिल्डिंग, चास और दुमका ट्रेजरी में बड़ी रकम की एंट्री हुई.


अगस्त में फिर बढ़ा घाटा
जुलाई के बाद अगस्त में स्थिति फिर बदल गई. इस महीने कुल प्राप्ति 889 करोड़ 23 लाख 34 हजार 785 रुपये रही. इसके मुकाबले खर्च 2213 करोड़ 12 हजार 61 रुपये तक पहुंच गया. इससे अगस्त में करीब 1323 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज हुई. डोरंडा और प्रोजेक्ट बिल्डिंग ट्रेजरी से हुई बड़ी निकासी इसका प्रमुख हिस्सा रही.


सितंबर में भी खर्च रहा ज्यादा
सितंबर में भी पीएल खातों पर खर्च का दबाव बना रहा. इस महीने कुल प्राप्ति 1269 करोड़ 76 लाख 35 हजार 877 रुपये दर्ज की गई. वहीं खर्च 1838 करोड़ 71 लाख 46 हजार 169 रुपये रहा. इस तरह सितंबर में करीब 568 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई. प्रोजेक्ट बिल्डिंग ट्रेजरी में अच्छी प्राप्ति हुई, लेकिन दूसरी ट्रेजरियों के खर्च के कारण कुल संतुलन माइनस में रहा.


अक्टूबर में शुरुआती आंकड़े राहत देने वाले
अक्टूबर के शुरुआती आंकड़ों में स्थिति कुछ संतुलित दिखाई दे रही है. अब तक कुल प्राप्ति 153 करोड़ 26 लाख 11 हजार 933 रुपये दर्ज हुई है. वहीं खर्च 148 करोड़ 88 लाख 31 हजार 997 रुपये रहा. इस तरह अक्टूबर के शुरुआती आंकड़ों में करीब 4.37 करोड़ रुपये का पॉजिटिव बैलेंस है. देवघर, डोरंडा और रांची ट्रेजरी से जुड़े शुरुआती आंकड़ों में फिलहाल प्राप्ति और खर्च के बीच ज्यादा अंतर नहीं दिख रहा है.

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