Hazaribagh Detention Centre Case: हजारीबाग डिटेंशन सेंटर में एक विदेशी महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को सख्त रुख अपनाया. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की. अदालत ने पूरे मामले पर नाराजगी जताई. सुनवाई के दौरान राज्य की गृह सचिव वंदना दाडेल भी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहीं.
झालसा ने सीलबंद लिफाफे में दी जांच रिपोर्ट
सोमवार को झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) की ओर से मामले की जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की गई. रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के सामने रखा गया. रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने अपने बयान में कांस्टेबल रंजीत महतो समेत तीन जवानों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है.
3 साल की सजा पूरी होने के बाद भी हिरासत पर सवाल
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने महिला को डिटेंशन सेंटर में रखे जाने को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए. अदालत ने पूछा कि जब महिला फॉरेनर्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा पूरी कर चुकी थी, तो इसके बाद भी उसे डिटेंशन सेंटर में किस कानूनी आधार पर रखा गया. हाईकोर्ट ने एक ही मामले में बार-बार सजा या हिरासत की स्थिति को लेकर राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है.
दोपहर 2:15 बजे फिर होगी सुनवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडपीठ ने सोमवार को दोपहर 2:15 बजे फिर सुनवाई करने का समय तय किया है. इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत के सवालों पर जवाब पेश किया जाएगा. सरकार के जवाब के आधार पर कोर्ट आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा.


