Chaibasa News: नोवामुंडी के जंगलों में अवैध लौह अयस्क खनन की सूचना पर वन विभाग ने छापेमारी की. मंगलवार सुबह हुई इस कार्रवाई में टीम ने खनन में इस्तेमाल हो रहे एक ट्रैक्टर को जब्त किया. हालांकि, टीम के पहुंचते ही ट्रैक्टर चालक और कथित खनन कारोबार से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए. वन विभाग अब मामले की जांच कर रहा है.
तीन वन क्षेत्रों की टीम ने की छापेमारी
जानकारी के मुताबिक, नोवामुंडी वन क्षेत्र के दूधबिला पंचायत में कोलाई साईं रुंगटा बुरु के जंगलों में अवैध खनन की सूचना मिली थी. बताया गया था कि यहां से लौह पत्थर निकाला जा रहा है. सूचना मिलने के बाद नोवामुंडी, चाईबासा और हाटगम्हरिया वन विभाग की संयुक्त टीम ने जंगल में छापेमारी की. मौके पर एक ट्रैक्टर में अवैध रूप से लौह अयस्क लोड किया जा रहा था. टीम ने ट्रैक्टर को जब्त कर नोवामुंडी वन कार्यालय पहुंचा दिया. मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है.
जंगल में जमा मिला खनन किया हुआ लौह पत्थर
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर जंगल के अंदर बड़ी मात्रा में निकाला गया लौह पत्थर जमा मिला है. इससे आशंका है कि यहां लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा था. अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि जंगल के कितने हिस्से में खुदाई हुई है. साथ ही, निकाले गए लौह अयस्क को कहां ले जाने और बेचने की तैयारी थी, इसकी भी जांच की जा रही है.
फरार चालक और अन्य लोगों की तलाश
वन विभाग जब्त ट्रैक्टर के आधार पर जांच आगे बढ़ा रहा है. फरार चालक और कथित अवैध खनन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जंगल और वन्यजीवों पर भी खतरा
जंगल के भीतर अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका है. खुदाई और भारी वाहनों की आवाजाही से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में वन विभाग के सामने अवैध खनन रोकने के साथ जंगलों की निगरानी मजबूत करने की चुनौती है. विभाग ने वनों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए गश्ती बढ़ाने पर जोर दिया है.


