Ambedkar Nirvan Diwas: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भीमराव अंबेडकर चौक पर परिनिर्वाण दिवस मनाया‚ बाबा साहेब को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Ambedkar Nirvan Diwas: जमशेदपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने बुधवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस भीमराव अंबेडकर चौक पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। सभी ने संविधान निर्माता और

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Ambedkar Nirvan Diwas: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भीमराव अंबेडकर चौक पर परिनिर्वाण दिवस मनाया‚ बाबा साहेब को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Ambedkar Nirvan Diwas: जमशेदपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने बुधवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस भीमराव अंबेडकर चौक पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। सभी ने संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के संघर्षशील प्रतीक बाबा साहेब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 6 दिसंबर देश के लिए वह दिन है, जब हम राष्ट्रनिर्माण में आंबेडकर जी के योगदान को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि आंबेडकर द्वारा रचित संविधान ने शोषित-पीड़ित जातियों, दलित-ओबीसी, आदिवासियों, महिलाओं, मजदूरों, किसानों और अल्पसंख्यकों के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक अधिकारों को सुरक्षा प्रदान की।पार्टी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से संविधान, मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।

सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई भाजपा शासित राज्यों में विपक्षी और कमजोर वर्गों के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। CPI नेताओं ने इसे “मताधिकार पर सीधा हमला” और लोकतंत्र को कमजोर करने की संगठित साजिश बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित कर नागरिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में आदिवासी क्षेत्रों में जल-जंगल-जमीन पर बढ़ती कॉरपोरेट कब्जेदारी को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि कई राज्यों में खनन कंपनियों और औद्योगिक समूहों के हित में आदिवासी गांवों को उजाड़ा जा रहा है। सरकारी मशीनरी के सहारे ग्राम सभाओं, पेसा कानून और वनाधिकार कानून की खुली अवहेलना की जा रही है।CPI नेताओं ने चेतावनी दी कि जल-जंगल-जमीन पर किसी भी तरह के अतिक्रमण का कड़ा विरोध जारी रहेगा और जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी।

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