Government Job Scam: हरियाणा के गुरुग्राम में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.38 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. इस मामले में राजेंद्र पार्क थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. शिकायत के मुताबिक, ठगी का नेटवर्क झारखंड के रांची और धनबाद समेत कई राज्यों तक फैला है. उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और दिल्ली से भी इसके तार जुड़ने की बात कही गई है.
अधिकारियों से पहचान का दावा कर जीता भरोसा
यह मामला गुरुग्राम के सूरत नगर फेस-1 की रहने वाली बाला देवी की शिकायत पर दर्ज हुआ है. करीब 48 वर्षीय बाला देवी के मुताबिक, जनवरी 2021 में राहुल सिंह नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था. उसने बड़े अधिकारियों और नेताओं से अच्छे संबंध होने का दावा किया और युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया.
लखनऊ के होटल में बुलाए गए बेरोजगार युवक
शिकायत के अनुसार, राहुल सिंह ने 3 और 4 फरवरी 2021 को बाला देवी को लखनऊ के चारबाग स्थित होटल आशीर्वाद बुलाया. वहां अलग-अलग राज्यों के 10 से 15 युवक नौकरी की उम्मीद में मौजूद थे. आरोप है कि गिरोह ने रेलवे और डाक विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया. बाला देवी के भतीजे प्रशांत और बाद में उनके दामाद रोहित के नाम पर कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए गए. दोनों के फर्जी मेडिकल परीक्षण कराए जाने का भी आरोप है.
पैसे लेने के बाद नौकरी नहीं मिलने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि उनके परिवार और रिश्तेदारों ने आरोपियों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की. इसके बावजूद न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए. बाला देवी के मुताबिक, रकम लौटाने की मांग करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने, अपहरण करने और उनके पति की नौकरी छुड़वाने की धमकी दी गई. पीड़िता ने दावा किया कि डर और आर्थिक दबाव के कारण उन्हें अपना प्लॉट तक बेचना पड़ा.
रांची के लोगों और बैंक खातों का जिक्र
शिकायत में रांची के शिवगंज मल्लाह, किशोरगंज निवासी बहादुर सिंह मेहता उर्फ समीर का नाम शामिल है. उस पर पीड़िता से और पैसे लेने तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने का आरोप है. रांची निवासी प्रदीप कुमार सोनी के बैंक खाते में ठगी की बड़ी रकम जमा होने की बात भी शिकायत में कही गई है. इसके अलावा, कांके के सुंदर विहार स्थित न्यू हाउसिंग बोर्ड रोड के मकान नंबर 220 के पते से जुड़े रितेश कुमार के बैंक खाते के इस्तेमाल का उल्लेख है. टिंकु करमाली के खाते में बारकोड के जरिए रकम ट्रांसफर किए जाने की बात भी सामने आई है.
धनबाद के रेलवे अधिकारी पर भी आरोप
शिकायत में उत्तरी जोन रेलवे से जुड़े एसके अग्रवाल का मोबाइल नंबर कथित तौर पर गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है. वहीं, धनबाद में रेलवे अधिकारी बताए गए अशोक कुमार पर भी कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है.
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कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच
इस मामले में बैंक खातों के लेन-देन, कथित फर्जी नियुक्ति पत्रों और आरोपियों की भूमिका की जांच अहम होगी. शिकायत में जिन लोगों के नाम आए हैं, उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी रकम वसूलने और विरोध करने पर धमकी देने के आरोपों से जुड़ा है.


