Jharkhand Wanted Criminals List: झारखंड में फरार अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने तैयारी तेज कर दी है. पुलिस मुख्यालय ने 18 जिलों से जुड़े 87 वांटेड अपराधियों की सूची जारी की है. इनमें हत्या, डकैती, लूट और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों के आरोपी शामिल हैं. पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है.
दूसरे राज्यों के अपराधी भी सूची में
पुलिस की सूची में झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और हरियाणा से जुड़े अपराधियों के नाम भी शामिल बताए गए हैं. आरोप है कि कुछ अपराधी झारखंड में वारदात करने के बाद दूसरे राज्यों में जाकर छिप जाते हैं. ऐसे आरोपियों को पकड़ने के लिए दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है. पुलिस ने आम लोगों से भी अपराधियों के बारे में जानकारी देने की अपील की है.
किस जिले से किन अपराधियों के नाम?
जारी सूची में शामिल नाम जिलेवार इस प्रकार हैं.
जमशेदपुर में रंजन मिश्रा, सूरज सिंह, अनवर अली, अरुण सिंह, रोहित चंद और मो. इमरान के नाम शामिल हैं.
चाईबासा में गुलशन बिरुली, देव कुमार बिरुली, मो. तबरेज, दानियल पॉल, विजय बिरुली, सिकंदर जामुदा, राजू गगराई, गारदी सोए, मंजीत सिंह बारी और मार्कण्डेय कुंटिया के नाम हैं.
हजारीबाग में उमेश दास, महावीर रविदास, गुड्डू भुइयां, गणेश दास, हामिद आफताब, दानिश खान, विनोद सिंह, रणजीत सिंह, जितेंद्र महतो, संतोष सिंह, मुकेश सिंह, लुकमान अंसारी, तौफीक अंसारी, दीपक कुमार, सुरेश महतो और तीरथ महतो के नाम शामिल हैं.
सरायकेला में मो. अफरोज, सूरज कोतवाल, मनोज गिरी, शंकर तांती और अजित प्रधान के नाम हैं.
देवघर में गौरव खबारे, शिबू मिश्रा, अंकित जोशी, अनवर अंसारी, परेश मंडल, शहदेव मंडल, रिंकू दास और महावीर मंडल के नाम शामिल हैं.
लातेहार में आशा कच्छप, दिलीप उरांव और लाखो भुइयां के नाम हैं.
पलामू और गढ़वा में संतोष पाण्डेय, भरत प्रसाद साह, कमलेश सिंह और चंगेज खान के नाम शामिल हैं.
बोकारो में राजू मुंडा, विनोद सिंह और रतन तांती के नाम हैं.
लोहरदगा में आलोक भगत और आशीष उरांव के नाम शामिल हैं.
खूंटी में केशव कुमार का नाम है.
गिरिडीह में इंदर मंडल और अशोक वर्मा के नाम हैं.
गुमला में शोएब मिर्धा और कर्मा उरांव के नाम शामिल हैं.
कोडरमा में महावीर यादव का नाम है.
जामताड़ा में किशोर मंडल का नाम है.
दुमका में कारु का नाम शामिल है.
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सूची में शामिल अपराधियों के बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर प्रशासन को सूचित करें. पुलिस का कहना है कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. इस कार्रवाई का उद्देश्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी करना और राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करना है. हालांकि, सूची में नाम होने मात्र से किसी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं होता. मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा.


