Makhanlal Chaturvedi: आज दिनांक 4 अप्रैल 2025 को ग्रेजुएट कॉलेज के हिन्दी विभाग द्वारा राष्ट्रकवि, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वीणा सिंह प्रियदर्शी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।
अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में प्राचार्या डॉ. प्रियदर्शी ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी की कविताओं में भारतीय संस्कृति, आत्मबल और देशभक्ति की गूंज सुनाई देती है। उन्होंने कहा कि “पुष्प की अभिलाषा” जैसी कविता आज भी जनमानस के हृदय में स्थान रखती है और यही उनकी लेखनी की लोकप्रियता को सिद्ध करता है।
हिन्दी विभागाध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय ने कवि के बहुआयामी योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी केवल एक कवि ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले एक सक्रिय सेनानी भी थे। उन्होंने असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया और इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
उनकी कविता ‘कैदी और कोकिला’ उनके इसी संघर्ष की साक्षी है।कार्यक्रम में सेमेस्टर 1 की छात्रा नैन्सी आर्या ने माखनलाल चतुर्वेदी के जीवन पर प्रकाश डाला, जबकि सेमेस्टर 4 की छात्रा अनुभा कुमारी ने उनकी प्रसिद्ध कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ का पाठ किया। संगोष्ठी का संचालन नंदनी सेन (सेमेस्टर 1) ने किया और धन्यवाद ज्ञापन नुपुर डे (सेमेस्टर 4) द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर हेमलता कुमारी, प्रियंका कुमारी, दिव्या कुमारी, निकिता गुरूंग, काजल सिंह, पुनम कुमारी, अन्नु कुमारी, डॉली कुमारी, रीना महतो, लक्ष्मी कुमारी, प्रिया थावे, प्रिया कुमारी, सौम्या उरांव, सोनी कुमारी, संचिता चौधरी, लक्की कुमारी सहित हिन्दी विभाग की अनेक छात्राएं उपस्थित रहीं।