Vice President Race: रांची शनिवार को उपराष्ट्रपति पद के विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी राजधानी रांची पहुँचे। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की और आगामी चुनाव में समर्थन मांगा। बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और कांग्रेस सांसद रघुराम रेड्डी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुलाकात के बाद कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का प्रयास रहेगा कि विपक्षी उम्मीदवार को अधिकतम समर्थन मिल सके और उनकी जीत सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि 9 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच रणनीतिक स्तर पर व्यापक संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि
बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपने संबोधन की शुरुआत झामुमो के संरक्षक और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने जल, जंगल और जमीन की लड़ाई में अपना पूरा जीवन समर्पित किया था। रेड्डी ने बताया कि वे झारखंड दौरे पर विपक्षी दलों से संवाद स्थापित कर रहे हैं और झामुमो समेत अन्य पार्टियों का समर्थन मांग रहे हैं।
केंद्र सरकार पर निशाना
रेड्डी ने अपने भाषण में केंद्र सरकार की नीतियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश की हालत किसी से छिपी नहीं है और सबसे बड़ी जरूरत संविधान को सुरक्षित करने की है। उनके मुताबिक हर अधिकारी को संविधान पढ़ना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक ढांचे की ताकत का एहसास हो सके। रेड्डी ने देश में बढ़ते नफरत के माहौल पर चिंता जताई और इसे भाईचारे से बदलने की अपील की।
संवैधानिक उल्लंघन और राजनीतिक फंडिंग
रेड्डी ने झारखंड के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि किस तरह संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड और राजनीतिक फंडिंग पर भी सवाल उठाए। रेड्डी का कहना था कि बड़ी कंपनियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बड़े पैमाने पर दान दिया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी राजनीति में बढ़ती जनसंख्या का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है।


