Tribal Protest Chandil: फदलोगोड़ा में जाहेरस्थान को लेकर विवाद‚ आदिवासी समाज में भारी आक्रोश

Tribal Protest Chandil: सरायकेला–खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत आंसनबनी पंचायत के फदलोगोड़ा गांव में स्थित आदिवासी समुदाय के पवित्र जाहेरस्थान से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। एक निजी कंपनी द्वारा जमीन लेवलिंग के दौरान जाहेरस्थान की भूमि पर

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Tribal Protest Chandil: सरायकेला–खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत आंसनबनी पंचायत के फदलोगोड़ा गांव में स्थित आदिवासी समुदाय के पवित्र जाहेरस्थान से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। एक निजी कंपनी द्वारा जमीन लेवलिंग के दौरान जाहेरस्थान की भूमि पर अवैध कब्जा करने के आरोप को लेकर आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

स्थानीय आदिवासी समाज का आरोप है कि संबंधित कंपनी को जाहेरस्थान की निर्धारित भूमि और उसकी सीमाओं की जानकारी पहले ही दे दी गई थी। इसके बावजूद जानबूझकर जमीन लेवलिंग के नाम पर जाहेरस्थान की भूमि पर कब्जा किया गया। समाज का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गैरकानूनी और सुनियोजित है।

आदिवासी समाज ने आरोप लगाया है कि धार्मिक आस्था से जुड़े जाहेरस्थान को नुकसान पहुंचाने की मंशा से एक साल पेड़ को जेसीबी मशीन से गिरा दिया गया। समाज के लोगों के अनुसार, यह केवल जमीन का मामला नहीं है, बल्कि उनकी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर सीधा प्रहार है।

समाज के लोगों का कहना है कि जाहेरस्थान आदिवासी समुदाय की धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक आस्था का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थल से छेड़छाड़ करना पूरे समुदाय की भावनाओं को आहत करने के समान है। इसे आदिवासी संस्कृति पर सीधा हमला बताया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आदिवासी समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द जाहेरस्थान की जमीन को खाली नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। समाज ने आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी जमीन लेवलिंग का कार्य कर रही कंपनी और संबंधित लोगों पर डाली है। फिलहाल इस मामले को लेकर फदलोगोड़ा गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

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