:Temple Land Dispute: ओल्ड कोर्ट परिसर स्थित कचहरी बाबा मंदिर प्रांगण में गुरुवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई जब जूसको की टीम पुलिस बल के साथ मंदिर के पीछे की खाली जमीन को घेरने पहुंची। जमीन पर कब्जे की कोशिश का विरोध मंदिर समिति के सदस्यों ने किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई और माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बन गया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील पांडेय ने बताया कि वर्ष 1990 में टाटा कंपनी के खुदाई कार्य के दौरान इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना हुई थी। इसके बाद टाटा कंपनी ने ही इस मंदिर का निर्माण कराया। वर्तमान में मंदिर की देखरेख और रखरखाव टाटा कंपनी की इकाई जूसको के अधीन है।
मंदिर के पीछे स्थित खाली जमीन का उपयोग वर्षों से धार्मिक आयोजनों और भंडारे के लिए किया जाता रहा है। यहां पर चूल्हा आदि स्थायी रूप से बनाए गए हैं, जहाँ हर शनिवार हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। मंदिर समिति का कहना है कि जूसको अब इस जमीन को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रही है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँची है।
घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग एकत्र हो गए। सभी ने एक स्वर में इस कार्रवाई का विरोध किया और प्रशासन से मांग की कि मंदिर परिसर की धार्मिक भूमि को किसी भी प्रकार से प्रभावित न किया जाए।


