School Crisis Review: जमशेदपुर के परी सदन में शुक्रवार को झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य भर के अल्पसंख्यक स्कूलों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई, जहां स्कूल भवनों की जर्जर हालत और शिक्षकों की भारी कमी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक के दौरान आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान ने कहा कि कई अल्पसंख्यक स्कूलों के भवन काफी जर्जर स्थिति में हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की कमी के कारण पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जो एक गंभीर विषय है।
अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान ने स्पष्ट किया कि आयोग ने इन दोनों समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया है। उन्होंने कहा कि आगामी तीन महीनों के भीतर जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में आयोग ने संबंधित शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं, ताकि अल्पसंख्यक स्कूलों की स्थिति में शीघ्र सुधार लाया जा सके। आयोग का उद्देश्य है कि बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाए।
आयोग ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों की शिक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में आयोग इन मामलों की नियमित समीक्षा करेगा और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


