Road Work Scam: सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड अंतर्गत सीनुडीह, प्रधानडीह, खेजुरदा एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कुचाई प्रखंड के धातकीडीह से सीनुडीह, प्रधानडीह होते हुए खरसावां के खेजुरदा तक चल रहे सड़क सुदृढ़िकरण कार्य में गंभीर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 3.8 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में सरकारी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क पर बिछाया जा रहा पिच इतना कमजोर है कि पैर से दबाने पर ही उखड़ जा रहा है। डस्ट के ऊपर सीधे अलकतरा और गिट्टी का मिश्रण डाल दिया जा रहा है, जबकि केमिकल इमल्शन का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा। साथ ही अलकतरा और गिट्टी का अनुपात भी सही नहीं होने का आरोप लगाया गया है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में खामियों को लेकर कई बार विभागीय अभियंताओं और संवेदक को अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद कार्य में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अभियंताओं की मिलीभगत से ही निर्माण कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। स्थिति से आक्रोशित ग्रामीणों ने कार्य की जांच की मांग करते हुए निर्माण कार्य को रोक दिया।
ग्रामीणों की शिकायत पर ग्रामीण कार्य विभाग (आरईओ) के जूनियर इंजीनियर सरकार सोरेन ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने फिलहाल सड़क निर्माण कार्य को बंद रखने का निर्देश दिया, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर केवल शिलान्यास का बोर्ड लगाया गया है, जबकि योजना से संबंधित विवरण वाला डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगाया गया। इससे लोगों को योजना की लागत, समय-सीमा और प्राक्कलन से जुड़ी जानकारी नहीं मिल पा रही है, जो नियमों का उल्लंघन है।
ग्रामीणों के अनुसार, कुचाई के धातकीडीह से सीनुडीह, प्रधानडीह होते हुए खरसावां के खेजुरदा तक सड़क सुदृढ़िकरण कार्य का शिलान्यास 24 फरवरी 2024 को किया गया था। करीब 2.4 करोड़ रुपये की लागत से 3.8 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। संवेदक और विभागीय लापरवाही के कारण निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने जिले के उपायुक्त से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो भविष्य में सड़क की स्थिति और खराब हो सकती है।


