Railway OTP System: रेलवे ने तत्काल टिकटों की बुकिंग प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए ओटीपी आधारित आरक्षण व्यवस्था फिर से लागू कर दी है। देशभर की 52 प्रीमियम ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई इस व्यवस्था में अब आरक्षण फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर पर मिलने वाले ओटीपी को बताने के बाद ही टिकट जारी किया जाएगा। यह नई व्यवस्था धनबाद होकर गुजरने वाली हावड़ा व सियालदह–नई दिल्ली राजधानी, सियालदह–बीकानेर दुरंतो तथा हावड़ा–रांची शताब्दी जैसी ट्रेनों में प्रभावी हो चुकी है।
अब यदि कोई यात्री रेलवे के आरक्षण काउंटर से तत्काल टिकट लेना चाहता है, तो उसे आवेदन फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर लिखना होगा। जैसे ही बुकिंग क्लर्क फॉर्म में दर्ज नंबर को अपने सिस्टम में फीड करेगा, उस नंबर पर एक ओटीपी जेनरेट होकर भेजा जाएगा। यात्री द्वारा वही ओटीपी बताने पर ही तत्काल टिकट की बुकिंग आगे बढ़ेगी। बिना ओटीपी बताए टिकट जारी नहीं किया जाएगा।
रेलवे का मानना है कि ओटीपी आधारित यह प्रणाली तत्काल टिकटों के दुरुपयोग पर रोक लगाने में प्रभावी होगी। अक्सर देखा गया था कि दलाल या एजेंट अन्य व्यक्तियों के मोबाइल नंबर का उपयोग कर टिकट बुक कर लेते थे, जिससे वास्तविक यात्रियों को कठिनाई होती थी। ओटीपी वेरिफिकेशन से अब सुनिश्चित होगा कि टिकट उसी व्यक्ति को मिले जो यात्रा करना चाहता है। नया सिस्टम तत्काल बुकिंग में पारदर्शिता और यात्री सुविधा को बढ़ाने वाला साबित होगा।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि आवेदन फॉर्म में लिखे गए मोबाइल नंबर वाला फोन साथ रखें। यदि कोई किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर लिख देता है और वह नंबर यात्रा के समय साथ नहीं रहता, तो ओटीपी प्राप्त न होने से टिकट बुकिंग बाधित हो जाएगी। इसलिए फॉर्म में वही नंबर लिखें जो आपके पास उपलब्ध हो और बुकिंग के समय सक्रिय हो।
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद रेलवे अगले कुछ दिनों में देशभर के सभी आरक्षण काउंटरों पर शेष ट्रेनों में भी ओटीपी आधारित तत्काल आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। इसके बाद पूरे देश में तत्काल टिकट बुकिंग का एक ही सुरक्षित और統मानक (स्टैंडर्ड) तरीका हो जाएगा।


