Panini Festival 2025: जमशेदपुर में संस्कृत व्याकरण के जनक महर्षि पाणिनि की वैज्ञानिक परंपरा को आधुनिक युग में पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से पाणिनि उत्सव समिति आगामी 14 दिसंबर को एक दिवसीय पाणिनि उत्सव-2025 का आयोजन करने जा रही है। यह कार्यक्रम न्यू बाराद्वारी स्थित पीएम श्री उत्क्रमित पीपुल्स अकादमी +2 विद्यालय के कालिदास सभागृह में आयोजित होगा। उत्सव के मुख्य अतिथि और उद्घाटनकर्ता जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय होंगे।
इस अवसर पर देश के प्रख्यात भाषाविद डॉ. मित्रेश्वर अग्निमित्र, व्याकरणाचार्य बालमुकुंद चौधरी, व्याकरणविद डॉ. शशिभूषण मिश्र तथा व्याकरणाचार्य एवं कंप्यूटर विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. कौस्तुभ सान्याल उपस्थित रहेंगे। यह सभी विद्वान भाषा विज्ञान, तकनीक और पाणिनि की परंपरा से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
आयोजन की जानकारी कालिदास सभागृह में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में समिति के सचिव चंद्रदीप पांडेय, डॉ. रागिनी भूषण और राजदेव सिन्हा ने दी।चंद्रदीप पांडेय ने बताया कि महर्षि पाणिनि संस्कृत व्याकरण के आधार स्तंभ हैं, जिनकी कृति अष्टाध्यायी के लगभग 4,000 सूत्र भाषा को वैज्ञानिक संरचना प्रदान करते हैं। यह ग्रंथ न केवल भाषा विज्ञान का आधार है, बल्कि उस काल के सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं का भी प्रमाणिक विवरण देता है।
उन्होंने कहा कि तकनीक जगत में कोडिंग भाषा के विकास ने भारतीय ज्ञान परंपरा की वैश्विक प्रासंगिकता को और मजबूत किया है। महर्षि पाणिनि द्वारा दिए गए माहेश्वर सूत्रों को विश्व की पहली कोडिंग संरचना कहने में भी अतिशयोक्ति नहीं है। इसी समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का दायित्व पाणिनि उत्सव समिति ने लिया है और इस आयोजन के माध्यम से पाणिनि के अनेक अनछुए पहलुओं को उजागर किया जाएगा।
कार्यक्रम में पाणिनि फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती रमा पोपली द्वारा लिखित पुस्तक PANINI PEDAGOGY का लोकार्पण भी किया जाएगा। यह पुस्तक पाणिनि की शिक्षण पद्धति और आधुनिक शिक्षा प्रणाली में उसकी उपयोगिता पर केंद्रित है।
सचिव पांडेय ने बताया कि उत्सव का उद्घाटन 14 दिसंबर को पूर्वाह्न 11 बजे होगा और कार्यक्रम अपराह्न 2 बजे तक चलेगा। पूरे कार्यक्रम का संचालन एक ही सत्र में किया जाएगा, जिसमें सभी विद्वान अपने-अपने विषयों पर व्याख्यान देंगे।


