Netaji Subhash Hospital: सरायकेला में मेडिकल कॉलेज‚ स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा

Netaji Subhash Hospital: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में शुक्रवार को स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने ‘नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल’ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान को क्षेत्र के युवाओं

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Netaji Subhash Hospital: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में शुक्रवार को स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने ‘नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल’ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान को क्षेत्र के युवाओं के लिए भविष्य बदलने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह मेडिकल कॉलेज कोल्हान क्षेत्र की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगा।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरायकेला में उच्च स्तरीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना लंबे समय से देखा गया सपना था, जो अब साकार हुआ है। उन्होंने इसे कोल्हान क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल चिकित्सा शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए समाज सेवा के प्रति समर्पित डॉक्टर भी तैयार करेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की दीर्घकालिक योजना की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में झारखंड में 10 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अगले चार वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर 20 किया जाए। उन्होंने बताया कि चाईबासा, कोडरमा और बोकारो में सरकारी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है, ताकि राज्य को चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कार्यक्रम के दौरान झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिलाया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य भर में थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक इन जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब झारखंड के अस्पतालों में ही बेहतर और पुख्ता इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।

मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन एम.एन. सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के सहयोग से वर्ष 2022 में जियाडा के माध्यम से भूमि आवंटित की गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज की शुरुआत फिलहाल 100 एमबीबीएस सीटों के साथ की गई है और संस्थान में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे छात्रों और मरीजों दोनों को लाभ मिलेगा।

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