Land Acquisition Row: जमशेदपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआईएम ने बोड़ाम प्रखंड के भादूडीह, सतनाला और माधवपुर क्षेत्रों में चल रही सड़क चौड़ीकरण एवं विकास परियोजनाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि इन परियोजनाओं के तहत भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों के दौरान प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
सीपीआईएम पूर्वी सिंहभूम जिला कमिटी की ओर से जारी एक पत्र में कहा गया है कि घाटशिला क्षेत्र के विभिन्न गांवों में विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन परियोजना से प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। पार्टी के अनुसार, इस स्थिति के कारण स्थानीय ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पार्टी ने मांग की है कि विकास परियोजनाओं से प्रभावित सभी परिवारों को कानून के अनुरूप उचित मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही पुनर्वास की समुचित व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक भूमि भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी गरीब और विस्थापित परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
सीपीआईएम का कहना है कि विकास परियोजनाएं क्षेत्र की प्रगति के लिए जरूरी हैं, लेकिन इनके क्रियान्वयन के दौरान स्थानीय लोगों के अधिकारों और हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। पार्टी ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि विकास कार्यों का लाभ लोगों तक पहुंचे और प्रभावित परिवारों के साथ न्याय हो।
पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील की है। सीपीआईएम नेताओं का कहना है कि यदि परियोजनाओं से प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र में असंतोष और बढ़ सकता है। पार्टी ने प्रशासन से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने तथा प्रभावित ग्रामीणों की शिकायतों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।इस संबंध में सीपीआईएम के प्रदेश समिति सदस्य सपन महतो ने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।


