Jhrakhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते ने झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सीआईडी की विशेष अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट में नियमित जमानत के लिए आवेदन दिया है.
खियांगते ने आरोपों को बताया गलत
हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में एल. खियांगते ने खुद को निर्दोष बताया है. उन्होंने कहा है कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं है. उनका कहना है कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है. याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की उम्मीद है.
निचली अदालत में नहीं मिली राहत
जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ और प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों की सीआईडी जांच कर रही है. जांच का दायरा बढ़ने के बाद खियांगते ने सीआईडी की विशेष अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया था. हालांकि, कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की है.
सरकार ने लगाए गंभीर आरोप
जांच एजेंसी और राज्य सरकार का कहना है कि जेपीएससी अध्यक्ष रहते हुए एल. खियांगते के फैसले भी जांच के दायरे में हैं. सरकार की ओर से उन पर सबूत मिटाने और लैपटॉप नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. अब हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर नजर बनी हुई है. इस मामले से जुड़े हजारों प्रतियोगी परीक्षार्थियों की भी अदालत के फैसले पर नजर है.


