Jamui Train Incident: हावड़ा–पटना–दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला के समीप शनिवार की रात हुई मालगाड़ी दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। दुर्घटना के मद्देनज़र रेलवे द्वारा ट्रैक संरक्षा को लेकर चौकसी बढ़ा दी गई है। छोटे पुल-पुलिया से लेकर बड़े ब्रिज तक निगरानी तेज कर दी गई है, जबकि रात के समय ट्रैक की विशेष मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जा रही है।
सिमुलतला में हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए धनबाद रेल मंडल ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। पहाड़ों और जंगलों से घिरे धनबाद–गया रेलखंड के घाट सेक्शन को संवेदनशील मानते हुए यहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इस खंड में सुरंगें, तीखे मोड़ और ढलान होने के कारण विशेष निरीक्षण पर जोर दिया गया है।
धनबाद रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अखिलेश मिश्र ने स्वयं घाट सेक्शन का गहन निरीक्षण किया। डीआरएम ने गंगा–दामोदर एक्सप्रेस से फुट प्लेटिंग करते हुए यात्रा की और विभिन्न स्थानों पर ट्रेन से उतरकर ट्रैक की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने पेट्रोलमैन के साथ पैदल चलते हुए रेल पथ, सिग्नल व्यवस्था और अन्य संरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान घाट सेक्शन में स्थित सुरंगों की भी पैदल जांच की गई। डीआरएम ने सुरंगों में रोशनी, ट्रैक स्थिति और संरचनात्मक मजबूती का जायजा लिया। इस निरीक्षण का उद्देश्य धनबाद मंडल में लागू संरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना बताया गया।
निरीक्षण के दौरान सभी पेट्रोलमैन सतर्क अवस्था में पाए गए और वे सिग्नल एक्सचेंज की प्रक्रिया का सही तरीके से पालन करते दिखे। निर्धारित स्थानों पर आपातकालीन जॉगल फिशप्लेट सफेद रंग से चिन्हित मिली, साथ ही बोल्ट ग्रीसिंग और बोल्ट ओपनिंग नियमानुसार सही पाई गई। सभी उपकरण भारतीय रेल रेलपथ नियमावली (IRPWM) के अनुरूप पाए गए।
पेट्रोलमैन सुरक्षा जूते, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव जैकेट जैसे सुरक्षात्मक उपकरण मैनुअल के अनुसार पहने हुए थे और उनकी डायरियां भी सुव्यवस्थित पाई गईं। इस दौरान पेट्रोलमैन की सेफ्टी काउंसलिंग भी की गई। निरीक्षण में वाचमैन भी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह सतर्क नजर आए, जिससे रेलवे की संरक्षा व्यवस्था की गंभीरता स्पष्ट हुई।


