Jamshedpur Pollution Protest: जमशेदपुर में टाटा कंपनी से उत्पन्न प्रदूषण और शहरी क्षेत्रों में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के खिलाफ अब लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहे शहरवासियों ने खुलकर विरोध का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। बढ़ते प्रदूषण और असुरक्षित सड़कों के कारण आम जनजीवन पर पड़ रहे दुष्प्रभाव ने एक व्यापक जन आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार कर दी है।
बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आगामी 14 दिसंबर को सैकड़ों लोग बर्मामाइंस पूजा मैदान में एकत्र होंगे। यहां से सभी प्रदर्शनकारी टाटा स्टील के बर्मामाइंस प्लांट गेट तक मार्च करते हुए कंपनी गेट का घेराव करेंगे। इस आंदोलन को लेकर समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं और शहरभर में लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की जा रही है।
इस संबंध में समिति के सक्रिय सदस्य रामबाबू तिवारी ने एक वार्ता के दौरान कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या किसी राजनीतिक दल विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरे जमशेदपुर शहर से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण और सड़क दुर्घटनाओं का असर हर वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर चुप्पी बनी हुई है, जिससे हालात दिन-ब-दिन और भयावह होते जा रहे हैं।
रामबाबू तिवारी ने आरोप लगाया कि शहर में प्रदूषण के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारियां तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं में आए दिन हो रही मौतों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उनका कहना है कि इन सभी मामलों में टाटा स्टील अपनी जिम्मेदारी से बचता नजर आ रहा है, जिससे जनता में रोष बढ़ता जा रहा है।
समिति ने स्पष्ट किया है कि 14 दिसंबर को टाटा स्टील बर्मामाइंस प्लांट के गेट का घेराव किया जाएगा। यदि इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होता है और जिम्मेदार पक्षों की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो आने वाले दिनों में इससे भी अधिक उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंत में रामबाबू तिवारी ने शहरवासियों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं, ताकि जमशेदपुर में बढ़ते प्रदूषण और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी लगाम लगाई जा सके।


