Jamshedpur News: जमशेदपुर में झारखंड आंदोलनकारी मंच की ओर से बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मंच के प्रतिनिधियों ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक मांग पत्र सौंपते हुए झारखंड राज्य के जनक एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग की।
मंच की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि स्वर्गीय शिबू सोरेन ने झारखंड अलग राज्य की लड़ाई को न केवल नेतृत्व प्रदान किया, बल्कि उसे जन आंदोलन का रूप दिया। आंदोलनकारी मंच का मानना है कि उनका योगदान राष्ट्र स्तर पर सम्मान के योग्य है।
झारखंड आंदोलनकारी मंच के नेता प्रमोद लाल ने कहा कि शिबू सोरेन के नेतृत्व में झारखंड राज्य निर्माण का आंदोलन गांव-गांव तक पहुंचा। उन्होंने आदिवासी समाज, किसानों और वंचित वर्गों को एकजुट कर लंबे समय तक संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप अलग झारखंड राज्य का गठन संभव हो सका।
प्रमोद लाल ने यह भी कहा कि शिबू सोरेन का योगदान केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के आदिवासी समाज और लोकतांत्रिक आंदोलनों के इतिहास में भी उनका स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और अतुलनीय है। उन्होंने हमेशा संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में रहकर जनआंदोलनों का नेतृत्व किया।
मंच ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे आगे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और सरकार की होगी।


