Hazaribagh News: डीजे विवाद से शुरू हुई कहासुनी‚ तलवारबाजी तक पहुंचा मामला

Hazaribagh News: नए साल की खुशियां हजारीबाग में उस वक्त मातम में बदल गईं, जब जश्न, नशा और तेज डीजे की धुन के बीच एक मामूली विवाद ने खौफनाक हिंसक रूप ले लिया। 1 जनवरी की रात पिकनिक से लौट रहे युवकों के बीच डीजे पर गाना बजाने को लेकर

Facebook
X
WhatsApp

Hazaribagh News: नए साल की खुशियां हजारीबाग में उस वक्त मातम में बदल गईं, जब जश्न, नशा और तेज डीजे की धुन के बीच एक मामूली विवाद ने खौफनाक हिंसक रूप ले लिया। 1 जनवरी की रात पिकनिक से लौट रहे युवकों के बीच डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुई कहासुनी देखते ही देखते दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में तब्दील हो गई।

घटना की शुरुआत हजारीबाग के मंडई क्षेत्र से हुई, जो नूरा होते हुए इंद्रपुरी चौक तक जा पहुंची। सड़कों पर जहां नए साल के जश्न का माहौल होना चाहिए था, वहां तलवारों की चमक, अफरा-तफरी और चीख-पुकार गूंजती रही। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष नशे की हालत में थे, जिसके चलते स्थिति और ज्यादा बेकाबू हो गई।

हिंसक झड़प के दौरान छोटू राणा को गंभीर चोटें आईं। उनके सिर में गहरी चोट लगने के बाद परिजन उन्हें सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज किया गया। स्थिति गंभीर होने के बावजूद घटना यहीं नहीं थमी।

इलाज के बाद जब सूरज राणा और छोटू राणा अपनी बलेनो कार से लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर दोबारा हमला कर दिया। जैसे ही सूरज राणा गाड़ी से बाहर निकले, पीछे से तलवार से उन पर जानलेवा वार किया गया। खून से लथपथ सूरज राणा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस हमले में सूरज राणा की मौके पर हालत नाजुक हो गई थी और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। सूरज राणा अपने पीछे दो छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। वहीं, छोटू राणा को दोबारा बेरहमी से पीटा गया, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया है।

मृतक सूरज राणा के भाई धीरज राणा ने मंडई निवासी राहुल गोप, सोनू गुप्ता समेत अन्य युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। धीरज राणा का कहना है कि किसी से पहले कोई पुरानी रंजिश नहीं थी और महज डीजे विवाद ने नए साल की रात को खून से रंग दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि जश्न के नाम पर बढ़ता नशा, तेज डीजे और बेकाबू भीड़ आखिर कब थमेगी। नए साल की पहली रात का यह खौफनाक मंजर न सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी बन गया, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी छोड़ गया है।

TAGS
digitalwithsandip.com