Employee Conference: जमशेदपुर में राज्य सम्मेलन‚ सभी जिलों की भागीदारी

Employee Conference: झारखण्ड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का आठवाँ राज्य सम्मेलन 11 एवं 12 जनवरी को पूर्वी सिंहभूम जिले के सिदगोड़ा स्थित भगवान बिरसा मुण्डा टाउन हॉल, जमशेदपुर में आयोजित किया जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में राज्य के सभी जिलों से विभिन्न संवर्गों के 500 से अधिक

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Employee Conference: झारखण्ड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का आठवाँ राज्य सम्मेलन 11 एवं 12 जनवरी को पूर्वी सिंहभूम जिले के सिदगोड़ा स्थित भगवान बिरसा मुण्डा टाउन हॉल, जमशेदपुर में आयोजित किया जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में राज्य के सभी जिलों से विभिन्न संवर्गों के 500 से अधिक कर्मचारी प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य राज्य के अराजपत्रित कर्मचारियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर साझा विमर्श करना और सरकार के समक्ष ठोस मांगें रखना है।

सम्मेलन के खुले सत्र का उद्घाटन अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड सुभाष लाम्बा करेंगे, जबकि प्रतिनिधि सत्र का उद्घाटन राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड ए. श्रीकुमार द्वारा किया जाएगा। मुख्य अतिथि के रूप में कर्ण सत्यार्थी, भा०प्र०से०, उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम शामिल होंगे। वहीं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कॉमरेड शशिकान्त राय सम्मेलन के मुख्य वक्ता के रूप में कर्मचारियों को संबोधित करेंगे।

महासंघ का सातवाँ राज्य सम्मेलन सितंबर 2022 में पलास भवन, रांची में आयोजित हुआ था। उसी क्रम में यह आठवाँ सम्मेलन कर्मचारियों की लंबित मांगों और नीतिगत मुद्दों को आगे बढ़ाने की कड़ी माना जा रहा है, जहां संगठन भविष्य की रणनीति भी तय करेगा।

सम्मेलन के माध्यम से महासंघ केंद्र एवं राज्य सरकार से सभी संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग करेगा। संविदा, आउटसोर्स और दैनिक वेतनभोगी व्यवस्था को समाप्त कर नियमित नियुक्ति लागू करने पर जोर दिया जाएगा। चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को वरीयता और योग्यता के आधार पर प्रोन्नति देने, आउटसोर्स कर्मियों को ‘समान काम, समान वेतन’ के सिद्धांत के तहत समान मानदेय देने की भी प्रमुख मांग रखी जाएगी।इसके साथ ही PFRDA अधिनियम को रद्द कर सभी राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू करने, हड़तालों के दौरान सरकार के साथ हुए समझौतों को अविलंब लागू करने और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण व निगमीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी उठाई जाएगी।

महासंघ आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों पर पुनर्विचार तथा प्रत्येक पाँच वर्ष में वेतन पुनरीक्षण सुनिश्चित करने की मांग करेगा। सभी नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को शामिल करते हुए कैशलेस सुविधा युक्त व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके अलावा सभी विभागों में कार्यरत कर्मियों को देय प्रोन्नति तथा लंबित एसीपी/एमएसीपी का लाभ तत्काल देने की मांग सम्मेलन का अहम एजेंडा रहेगा।

सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए स्वागत समिति का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष विश्वजीत देव, राज्य सचिव, सीटू बनाए गए हैं। महासंघ के महामंत्री सह स्वागत मंत्री रबीन्द्र नाथ ठाकुर ने सभी कर्मचारियों से सम्मेलन को सफल बनाने की अपील की है।

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