Dhanbad Murder Case: धनबाद के असर्फी अस्पताल के सामने 01 अक्टूबर 2024 को हुए मोहम्मद शहाबुद्दीन सिद्धिकी हत्याकांड मामले में पुलिस को एक वर्ष बाद बड़ी सफलता मिली है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। हत्या के कारण और इसके पीछे मौजूद संगठित गिरोह की भूमिका को सामने लाने के लिए जांच टीम कई महीनों से सुराग जोड़ने में लगी थी।
इसी दौरान हाल ही में वरीय अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली कि हत्याकांड में वांछित आरोपी बमकर चौधरी उर्फ पंकजकर चौधरी शहर में कहीं छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। 05 दिसंबर 2025 की शाम शहर के विभिन्न इलाकों में की गई संयुक्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने बमकर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में बमकर चौधरी ने न सिर्फ अपनी संलिप्तता स्वीकार की, बल्कि हत्याकांड के पीछे सक्रिय गैंग के संचालन की परतें भी खोल दीं। उसने बताया कि बाहरी शूटरों को धनबाद तक लाने, उन्हें छिपाने और सुरक्षित ठिकाना देने का काम दीपक वर्मा नामक शख्स करता था।
पहले आरोपी के खुलासे के आधार पर पुलिस ने अगले ही दिन, 06 दिसंबर की सुबह, त्वरित कार्रवाई करते हुए दीपक वर्मा को भी उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दीपक ने स्वीकार किया कि वह कुख्यात प्रिंस खान गिरोह से जुड़ा हुआ है। वह गिरोह के लिए बाहर से आने वाले शूटरों के रहने-खाने की व्यवस्था करता था और स्थानीय कारोबारियों से वसूली करके रकम विभिन्न माध्यमों से गिरोह तक पहुँचाता था।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि बमकर चौधरी पहले भी हत्या सहित कई गंभीर मामलों का आरोपित रहा है और उसके खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार अपराधियों की तलाश में और तेज़ी लाने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारी संभव है, जिससे इस हत्याकांड के नेटवर्क की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।


