Civil Defence Training: पूर्वी सिंहभूम जिले में नागरिकों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सिविल डिफेंस के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर झारखंड के पाँच जिलों—पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, रांची, गोड्डा और साहेबगंज—में कुल 2160 सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत पूर्वी सिंहभूम जिले के चयनित स्वयंसेवक भी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
सिविल डिफेंस अधिकारियों के अनुसार पूर्वी सिंहभूम एक प्रमुख औद्योगिक जिला है, जहाँ गैस पाइपलाइन, हाई वोल्टेज बिजली लाइनें, ऊँची इमारतें, नदियाँ और डैम स्थित हैं। इन परिस्थितियों के कारण यहाँ दुर्घटनाओं और प्राकृतिक अथवा औद्योगिक आपदाओं की संभावना बनी रहती है। ऐसे में प्रशिक्षित सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की उपलब्धता आपात स्थितियों में जान-माल की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षण प्राप्त स्वयंसेवक किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सिविल डिफेंस के माध्यम से उन्हें प्राथमिक उपचार, बचाव तकनीक, आपात प्रतिक्रिया और समन्वय से जुड़े व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे, जिससे वे संकट के समय प्रशासन का प्रभावी सहयोग कर सकें।
सिविल डिफेंस एक स्वैच्छिक सेवा है, जिसमें 18 से 45 वर्ष की आयु के स्वस्थ, शारीरिक रूप से सक्षम और अपराध मुक्त भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण अवधि के दौरान चयनित स्वयंसेवकों को मानदेय भी प्रदान किया जाएगा, जिससे युवाओं में इस सेवा के प्रति रुचि बढ़ेगी।
इच्छुक अभ्यर्थी सिविल डिफेंस कार्यालय, बिष्टुपुर, जमशेदपुर से संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया और प्रशिक्षण से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर अर्णव मिश्रा ने बताया कि यह पहल जिले की आपदा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है और इससे आपात परिस्थितियों में त्वरित व संगठित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी


