Child Saves Owl: जमशेदपुर के टेल्को कॉलोनी से रविवार को एक बेहद प्रेरणादायक और मानवीय खबर सामने आई, जहां कक्षा सात की एक छात्रा ने साहस और समझदारी का परिचय देते हुए एक नन्हे उल्लू की जान बचा ली। इस संवेदनशील पहल से न केवल एक संरक्षित वन्य पक्षी सुरक्षित हुआ, बल्कि समाज में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता का मजबूत संदेश भी गया।
जानकारी के अनुसार, विद्या भारती चिन्मिया विद्यालय की कक्षा सात की छात्रा शन्वी किरण महतो (13 वर्ष) रविवार की सुबह टेल्को कॉलोनी स्थित भुवनेश्वरी मंदिर के पास खेल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर कुछ कुत्तों की संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उसने पाया कि कुत्ते एक नन्हे उल्लू को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए और बिना डरे शन्वी ने कुत्तों को भगाया और सहमे हुए उल्लू को अपने हाथों में सुरक्षित उठा लिया। उसने देखा कि उल्लू उड़ने में असमर्थ है और काफी डरा हुआ है। करुणा और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए शन्वी उसे अपने घर ले गई, ड्रॉपर की मदद से पानी पिलाया और उसकी देखभाल की। इसके बाद उसने तुरंत पूर्वी सिंहभूम के जिला वन पदाधिकारी सबा आलम को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया और लगभग एक घंटे के भीतर टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह उल्लू वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची–एक में शामिल संरक्षित पक्षी है। वन विभाग के अधिकारी उत्तम महतो ने उल्लू को अपने संरक्षण में लिया और बताया कि उसे बेहतर इलाज के लिए टाटा जू भेजा जाएगा, जहां स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
जिला वन पदाधिकारी सबा आलम ने कहा कि जमशेदपुर की जनता अब वन्य प्राणियों के प्रति जागरूक हो रही है, जो बेहद सराहनीय है। उन्होंने बताया कि शन्वी का फोन मिलने के बाद तुरंत टीम भेजी गई और उल्लू को सुरक्षित रेस्क्यू कर इलाज के लिए भेजा गया। वन विभाग ने बच्ची की बहादुरी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की खुले तौर पर सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया।


