BSIL Land Dispute: सरायकेला–खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत लाखा गांव में स्थित बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड (BSIL), वर्तमान संचालक वनराज स्टील एक बार फिर विवादों में घिर गया है। स्थानीय रैयतों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी रैयती जमीन से होकर भारी वाहनों का परिचालन किया जा रहा है, जबकि इसके लिए न तो उनसे अनुमति ली गई और न ही पूर्व में किसी प्रकार की सहमति या वार्ता की गई।
मानीकुई क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन मनमानी तरीके से निजी रैयती जमीन को सड़क मार्ग के रूप में उपयोग कर रहा है। इससे जमीन को लगातार नुकसान पहुंच रहा है और खेती प्रभावित हो रही है। इसी आक्रोश के चलते सोमवार को बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं सड़क पर उतर आईं और कंपनी तक आने-जाने वाले सभी वाहनों का परिचालन पूरी तरह से रोक दिया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं और ग्रामीणों ने रैयती जमीन पर पत्थर रखकर मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिससे BSIL/वनराज स्टील के वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से इलाके में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल भी बन गया, हालांकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
स्थानीय रैयती महिला सुशीला बेसरा ने कहा कि कंपनी उनकी जमीन पर बिना किसी अनुमति के भारी गाड़ियां चला रही है, जिससे जमीन बर्बाद हो रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कंपनी को इस मार्ग का उपयोग करना है, तो इसके बदले स्थानीय लोगों को नौकरी दी जाए या फिर हर माह उचित किराया अदा किया जाए। महिलाओं का कहना है कि वे अपने अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगी।
आदिवासी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि जब तक कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों पर लिखित रूप में सहमति नहीं देता, तब तक किसी भी वाहन को रैयती जमीन से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाएं अपनी मांगों को लेकर डटी रहीं और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।


