Boring Vehicle Theft: बोरिंग गाड़ी चोरी कांड का खुलासा, पाँच आरोपी गिरफ्तार, वाहन व डीजल बरामद

Boring Vehicle Theft: चाईबासा मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में हुई बोरिंग गाड़ी चोरी के एक गंभीर मामले का पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफल उद्भेदन कर लिया है। यह मामला 09 जनवरी 2026 को दर्ज किया गया था, जब तमिलनाडु निवासी एस. राजशेखर ने अपनी बोरिंग गाड़ी चोरी

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Boring Vehicle Theft: चाईबासा मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में हुई बोरिंग गाड़ी चोरी के एक गंभीर मामले का पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफल उद्भेदन कर लिया है। यह मामला 09 जनवरी 2026 को दर्ज किया गया था, जब तमिलनाडु निवासी एस. राजशेखर ने अपनी बोरिंग गाड़ी चोरी होने को लेकर मुफ्फसिल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 09/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।

पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग की सहायता से जांच को आगे बढ़ाया। इसी क्रम में चोरी गई बोरिंग गाड़ी को टेबो थाना क्षेत्र अंतर्गत कुंदुरुगुटू जंगल, NH-75 के पास से बरामद किया गया। यह बरामदगी मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

बरामदगी के दौरान मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने इस चोरी कांड में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया। इस प्रकार कुल पाँच अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार आरोपियों में रंजीत कुमार (32), तोहिद अंसारी (24), एहसान अंसारी (24), साहिल एकराम (21) और तौहीद खान (20) शामिल हैं।

पुलिस पूछताछ के दौरान सभी गिरफ्तार अभियुक्तों ने इस चोरी कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उनके पास से चोरी की गई बोरिंग गाड़ी (KA06C/KA08C 8935), एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (JH01EZ 8126), 28 लीटर डीजल और 8 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है।

पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक गतिविधि से संबंधित जानकारी नजदीकी थाना या डायल 112 पर तुरंत दें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही ऐसे संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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