Bagbera Land Dispute: भूमीज समाज की जमीन पर कब्जे का आरोप‚ बागबेड़ा में तनाव

Bagbera Land Dispute: जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वी घाघीडीह पंचायत से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां भूमीज समाज की पुश्तैनी जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासी गुलाम सरदार ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन,

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Bagbera Land Dispute: जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वी घाघीडीह पंचायत से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां भूमीज समाज की पुश्तैनी जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासी गुलाम सरदार ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन, प्लॉट संख्या 14 और खाता संख्या 3718/3721 पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

पीड़ित के अनुसार, सरकारी छुट्टी का फायदा उठाकर भू-माफियाओं ने जेसीबी मशीन से जमीन की खुदाई शुरू कर दी और चारों ओर तारबंदी कर जमीन हड़पने का प्रयास किया। अचानक हो रही इस गतिविधि से इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और पीड़ित परिवार में भय का माहौल बन गया।

स्थिति बेकाबू होते देख गुलाम सरदार ने तत्काल 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बागबेड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और चल रहे काम को रुकवाया। हालांकि, पीड़ित का कहना है कि यह स्थायी समाधान नहीं है और भू-माफिया दोबारा कब्जे की कोशिश कर सकते हैं।

गुलाम सरदार ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर वे पहले ही उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और जमशेदपुर के अंचल अधिकारी को लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका आरोप है कि अपराध प्रवृत्ति के दबंग लोग खुलेआम उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और प्रशासन मौन बना हुआ है।

पीड़ित की पत्नी ने बताया कि सरकारी छुट्टियों के दौरान बार-बार कब्जे की कोशिश की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जब परिवार ने विरोध किया था, तब भू-माफियाओं ने घर में घुसकर जानलेवा हमला किया था, जिसमें परिवार के कई सदस्य घायल हुए थे। इस संबंध में बागबेड़ा थाना में पहले भी मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।

इस पूरे मामले ने प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर वे कौन लोग हैं जो इतनी दबंगई से भूमीज समाज की पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, और क्यों अब तक उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई। अब देखना होगा कि गुलाम सरदार और उनका परिवार प्रशासन से न्याय की उम्मीद कर पाएगा या फिर भू-माफियाओं के आगे कानून भी बेबस नजर आएगा।

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