Jamshedpur: मानगो स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की चर्चा से होमगार्ड जवानों के बीच नाराजगी बढ़ गई है. जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में तैनात 135 होमगार्ड जवानों की जगह पूर्व सैनिकों को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी की जा रही है. हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय और विस्तृत तैनाती योजना की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है.
नौकरी और भविष्य को लेकर चिंतित जवान
होमगार्ड जवानों का कहना है कि राज्य सरकार के गृह विभाग ने 12 अप्रैल 2021 को आदेश जारी कर सरकारी विभागों में सुरक्षा कार्य के लिए गृह रक्षकों की प्रतिनियुक्ति को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया था.
ऐसे में एमजीएम अस्पताल से जवानों को हटाकर पूर्व सैनिकों की तैनाती की चर्चा के बाद वे अपने रोजगार और भविष्य को लेकर चिंतित हैं. जवानों ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं.
गृह विभाग के पुराने आदेश का दिया हवाला
जवानों के अनुसार, गृह विभाग के तत्कालीन आदेश में सरकारी विभागों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए निजी सुरक्षा गार्डों के बजाय गृह रक्षकों को तैनात करने की बात कही गई थी. अब अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों को बदलने की चर्चा के बीच इस आदेश के अनुपालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
आंदोलन की रणनीति बना सकते हैं जवान
मिली जानकारी के अनुसार, होमगार्ड जवानों की ओर से साकची में जिला स्तरीय बैठक कर आगे की रणनीति तय करने की तैयारी थी. इसके तहत पहले चरण में एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं से मिलकर अपनी मांगें रखने की योजना बना रहा था.
फिलहाल, जवानों की तैनाती मे बदलाव को लेकर अंतिम निर्णय और आगे की कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है.


