Madhubani violence: पवन सिंह के नहीं आने की खबर फैलते ही भीड़ उग्र‚ सभा स्थल पर अफरातफरी

Madhubani violence: मधुबनी जिले के कलवाही में रविवार को भाजपा की चुनावी जनसभा अचानक हंगामे में बदल गई, जब भोजपुरी स्टार और भाजपा समर्थक पवन सिंह के नहीं आने की खबर फैल गई। सभा स्थल पर हजारों की संख्या में जुटे समर्थक, जो पवन सिंह को देखने पहुंचे थे, निराशा

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Madhubani violence: मधुबनी जिले के कलवाही में रविवार को भाजपा की चुनावी जनसभा अचानक हंगामे में बदल गई, जब भोजपुरी स्टार और भाजपा समर्थक पवन सिंह के नहीं आने की खबर फैल गई। सभा स्थल पर हजारों की संख्या में जुटे समर्थक, जो पवन सिंह को देखने पहुंचे थे, निराशा और गुस्से में उग्र हो उठे। देखते ही देखते भीड़ ने मंच के सामने रखी सैकड़ों कुर्सियां तोड़ डालीं और लाखों की लागत से तैयार किए गए पंडाल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

सूत्रों के अनुसार, पवन सिंह भाजपा प्रत्याशी विनोद नारायण झा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने वाले थे। कार्यक्रम के लिए अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में लोग सिर्फ उन्हें देखने पहुंचे थे। जैसे ही यह सूचना फैली कि पवन सिंह सभा में नहीं आएंगे, भीड़ में असंतोष बढ़ता चला गया और कुछ ही मिनटों में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।कुर्सियां फेंकी जाने लगीं, पंडाल के बांस और कपड़े फाड़े गए और माहौल पूरी तरह अराजक हो गया।

भीड़ की उग्रता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल मौके पर पुलिस बल तैनात किया। हंगामा शांत कराने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। अफरा-तफरी के कारण कई महिलाएं और बुजुर्ग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान की जाएगी।

हंगामे के दौरान भाजपा प्रत्याशी विनोद नारायण झा भी मंच पर मौजूद थे, लेकिन स्थिति बिगड़ते ही उन्हें सुरक्षा घेरे में बाहर ले जाया गया। वे हंगामे के दौरान मंच छोड़कर तेजी से निकलते हुए देखे गए। घटना के बाद विपक्ष ने भाजपा की कार्यक्रम प्रबंधन क्षमता पर सवाल उठाए हैं।

पूरा पंडाल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कुर्सियों का ढेर सभा स्थल पर बिखरा रहा। चुनावी मौसम में इस घटना ने राजनीतिक हल्कों में हलचल बढ़ा दी है और प्रशासन पर भीड़ नियंत्रण तैयारी पर सवाल खड़े किए हैं।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ को संभालने के लिए बेहतर व्यवस्था की जरूरत थी, खासकर जब पवन सिंह जैसे बड़े चेहरे को कार्यक्रम में लाने की घोषणा की गई थी।

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