Paper Leak Crisis: घाटशिला उपचुनाव के बीच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा को लेकर राज्य भर का युवा वर्ग खासतौर पर व्यथित और नाराज दिखाई दे रहा है। घाटशिला के छात्र लगातार आरोप लगा रहे हैं कि वे महीनों की मेहनत, लगन और तैयारी के बावजूद पेपर लिक जैसे मामलों की वजह से परीक्षा बार-बार रद्द या स्थगित होने की मार झेलते हैं।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा आयोजित होने के बाद ही अक्सर पेपर लिक या अनियमितताओं से जुड़ी खबरें सामने आती हैं, जिसके चलते परीक्षा पर रोक लगा दी जाती है या उसे रद्द कर दिया जाता है। उनका मानना है कि यह प्रवृत्ति न केवल उनकी मेहनत को व्यर्थ कर देती है बल्कि उनके भविष्य को भी असुरक्षित बनाती है।
युवा प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन से मुलाकात की और परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों पर गंभीर चिंता जताई। छात्रों ने बैठक में बताया कि राज्य में हर कुछ महीने पर परीक्षा होती है, लेकिन उसी के तुरंत बाद पेपर लिक जैसे मामले सामने आ जाते हैं। इससे युवाओं का राज्य की भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
छात्रों ने स्पष्ट कहा कि यह स्थिति सीधे तौर पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसे में युवा वर्ग अब इस समस्या को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बनाया गया तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
घाटशिला क्षेत्र सहित पूरे राज्य के युवाओं में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है। छात्र लगातार सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी जता रहे हैं और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया लागू करने की मांग कर रहे हैं। उपचुनाव के माहौल के बीच यह मुद्दा राजनीतिक विमर्श का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।


