Pollution Protest Rising: जमशेदपुर में टाटा कंपनी द्वारा कथित रूप से फैलाए जा रहे प्रदूषण और शहर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर शुक्रवार को आम लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों लोग बिष्टुपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने टाटा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आगामी दिनों में एक बड़े आंदोलन की रणनीति तय की।
प्रदर्शन की भनक लगते ही टाटा प्रबंधन ने टाटा साहब के स्टैचू परिसर के प्रवेश गेट को बंद कर दिया, लेकिन इससे आंदोलनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रदर्शन में शामिल लोग गेट फांदकर अंदर पहुंचे और प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने के बाद अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रबंधन शहर की बढ़ती प्रदूषण समस्या और दुर्घटनाओं पर जिम्मेदारी से भाग रहा है।
भाजपा नेता रामबाबू तिवारी और सतवीर सिंह सोमू ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह किसी एक व्यक्ति, पार्टी या संगठन का मामला नहीं है, बल्कि पूरे शहर के लोगों का सरोकार है। उनका कहना था कि राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक चुप्पी के कारण स्थितियाँ लगातार भयावह होती जा रही हैं।नेताद्वय ने दावा किया कि शहर में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ बढ़ रही हैं और सड़क दुर्घटनाएँ आम हो चुकी हैं। उन्होंने टाटा स्टील पर आरोप लगाया कि वह अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट रहा है, जबकि शहरवासी प्रतिदिन जान-माल के खतरे का सामना कर रहे हैं।
शुक्रवार को किया गया यह प्रदर्शन सांकेतिक बताया गया। समिति ने घोषणा की कि आगामी 14 दिसंबर को टाटा स्टील बर्मामाइंस प्लांट का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
नेताओं ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे इस आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग दें ताकि बढ़ते प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगे और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कम हो सके। उनका कहना है कि यह आंदोलन शहर के स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए हर नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है।


