Chaibasa Sand Crisis: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध बालू खनन और ढुलाई का नेटवर्क लगातार मजबूत होता दिख रहा है। जैंतगढ़ में अवैध खनन का विरोध करने पर एक युवक को ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या की गई थी और इस सनसनीखेज वारदात के दूसरे ही दिन बालू माफिया बेखौफ होकर जिला मुख्यालय चाईबासा में दिनदहाड़े बालू की ढुलाई करते नजर आए।
शनिवार को चाईबासा शहर के जुड़ेतम तांबो चौक के पास बालू लदी दो ट्रॉलियां गुजर रही थीं। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार मौके पर पहुंचे और दोनों ट्रॉलियों को जब्त कर थाने में रखवा दिया।
प्राथमिक जांच में पता चला कि कुजू नदी क्षेत्र से अवैध तरीके से बालू निकाला जा रहा था और माफिया ट्रॉली के जरिए इसकी सप्लाई कर रहे थे। घटना उस समय उजागर हुई जब ट्रॉलियां शहर में खुलेआम गुजर रही थीं।
पुलिस ने अवैध खनन और ढुलाई को लेकर खनन विभाग को भी सूचित कर दिया है। विभागीय अधिकारी इस मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि अब तक बालू कारोबारी या माफियाओं की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ट्रॉलियों के मालिकों और ड्राइवरों से पूछताछ कर रही है।
जैंतगढ़ थाना क्षेत्र में बालू माफियाओं के विरोध में एक युवक की हत्या ने पूरे जिले में प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया था। इसके बावजूद जिले के मुख्यालय में दिनदहाड़े अवैध बालू ढुलाई का खुलकर दिखना स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
नियमित रूप से बढ़ रही घटनाओं से यह स्पष्ट है कि जिले में अवैध खनन का नेटवर्क मजबूत है और पुलिस-प्रशासन के लिए इसे नियंत्रित करना चुनौती बन गया है। जिला मुख्यालय जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी इस तरह की गतिविधियों का जारी रहना कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्न चिन्ह है।


