Dhanbad News: स्टेंट निकलवाने पहुंची 22 वर्षीय महिला की मौत, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप; 7 लाख मुआवजे पर सहमति

Dhanbad: सरायढेला स्थित एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान 22 वर्षीय मोनी परवीन की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. देर रात

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Dhanbad News: स्टेंट निकलवाने पहुंची 22 वर्षीय महिला की मौत, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप; 7 लाख मुआवजे पर सहमति

Dhanbad: सरायढेला स्थित एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान 22 वर्षीय मोनी परवीन की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. देर रात तक चली बातचीत के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से मृतका के परिजनों को 7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी.

स्टेंट निकलवाने अस्पताल पहुंची थी महिला

परिजनों के अनुसार, लोयाबाद निवासी मोनी परवीन का करीब डेढ़ महीने पहले इसी नर्सिंग होम में पथरी का ऑपरेशन हुआ था. ऑपरेशन के दौरान उनके शरीर में स्टेंट लगाया गया था. मंगलवार को स्टेंट निकलवाने के लिए उन्हें अस्पताल बुलाया गया था.

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद पहले पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया. इसके बाद महिला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

महिला की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा

मोनी परवीन की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया. परिजनों ने इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की.

परिवार के अनुसार, मृतका के छोटे-छोटे बच्चे हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है. महिला की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

मेयर संजीव सिंह पहुंचे, देर रात तक हुई बातचीत

मामले की जानकारी मिलने के बाद धनबाद के मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे. उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उनकी बातें सुनीं और अस्पताल प्रबंधन से बातचीत की.

तनावपूर्ण माहौल के बीच देर रात तक वार्ता चली. इस दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई.

7 लाख रुपये की सहायता पर बनी सहमति

लंबी बातचीत के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से मृतका के परिजनों को 7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी. इसके बाद परिवार को सहायता राशि दिए जाने की जानकारी सामने आई.

मेयर संजीव सिंह ने मामले को दुखद बताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि मामला चिकित्सकीय पहलुओं से जुड़ा है, इसलिए जांच के बिना इलाज या मौत के कारणों पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.

जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह

घटना के बाद अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं. परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है, लेकिन फिलहाल इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और चिकित्सकीय तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. आर्थिक सहायता पर सहमति के बीच मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करना अहम रहेगा.

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