Sahibganj News: झारखंड के साहिबगंज में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद पथ निर्माण विभाग ने चार अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की है. पतना-हिरणपुर सड़क के निर्माण में कथित अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के मामले में तीन अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है. वहीं, इस काम से जुड़े सेवानिवृत्त कनीय अभियंता राम दयाल मंडल के खिलाफ झारखंड पेंशन नियमावली के तहत कार्रवाई का आदेश दिया गया है.
17.50 किलोमीटर सड़क के निर्माण में गड़बड़ी
यह मामला पतना-हिरणपुर पथ के 0 से 17.50 किलोमीटर तक के निर्माण कार्य से जुड़ा है. निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलने के बाद जांच कराई गई थी. जांच दल की रिपोर्ट में चार अभियंताओं को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया. इसके बाद विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई की.
इन तीन अभियंताओं को किया गया निलंबित
पथ निर्माण विभाग ने जिन तीन कार्यरत अभियंताओं को निलंबित किया है, उनमें शामिल हैं:
अजय कुमार, कार्यपालक अभियंता, साहिबगंज पथ प्रमंडल.
रामजीवन पासवान, सहायक अभियंता, राजमहल पथ अवर प्रमंडल.
शत्रुध्न प्रसाद राय, कनीय अभियंता, राजमहल पथ प्रशाखा.
अजय कुमार के खिलाफ झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत कार्रवाई की गई है. तीनों अभियंताओं का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है.
सेवानिवृत्त अभियंता पर भी होगी कार्रवाई
इस मामले में बरहरवा-1 पथ प्रशाखा के कनीय अभियंता राम दयाल मंडल भी जांच के दायरे में हैं. वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं. इस कारण उनके खिलाफ निलंबन के बजाय झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत कार्रवाई की जाएगी.
निलंबन के दौरान मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
विभाग की अधिसूचना के अनुसार, निलंबन की अवधि में तीनों अभियंताओं को केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा. इस दौरान उन्हें अन्य सुविधाएं नहीं दी जाएंगी. निलंबित अभियंताओं का मुख्यालय रांची स्थित पथ निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (यातायात) का कार्यालय निर्धारित किया गया है. इस संबंध में सरकार के संयुक्त सचिव ने सक्षम स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद आधिकारिक आदेश जारी किया है.
विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई
जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल अभियंताओं को प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है. मामले में अंतिम निष्कर्ष विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा. इस कार्रवाई के बाद अब पतना-हिरणपुर सड़क निर्माण में गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों और संबंधित अभियंताओं की जिम्मेदारी की जांच आगे बढ़ेगी.


